क्षेत्र में साल दर साल अपराध का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। बढ़ते आपराधिक मामले जनता के साथ पुलिस के लिए भी चिंता का सबब बने हुए हैं। वर्ष 2021 में मंगलौर कोतवाली क्षेत्र में लूट, हत्या, डकैती, दुष्कर्म, चोरी और बिजली चोरी सहित अन्य धाराओं में करीब 1331 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब डेढ़ गुना ज्यादा है।
क्राइम कैपिटल कहे जाने वाले मुजफ्फरनगर जिले की सीमा से लगने के कारण मंगलौर क्षेत्र में हमेशा अपराधियों का बोलबाला रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बदमाश मंगलौर क्षेत्र में आपराधिक वारदातों को अंजाम देकर संपर्क मार्गों के रास्ते फरार हो जाते हैं और पुलिस लकीर पीटती रह जाती है। यही कारण है कि हमेशा से ही मंगलौर क्षेत्र में संगीन वारदात होती रही हैं।
वर्ष 2021 में मंगलौर कोतवाली में 28 दिसंबर तक 1331 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इसमें दहेज हत्या के तीन, हत्या के 11, हत्या की कोशिश के आठ, दुष्कर्म के 22, डकैती का एक, लूट के तीन, वाहन चोरी के 24, अन्य चोरी के 34 मुकदमे शामिल हैं। चोरी की घटनाओं का खुलासा करना पुलिस के लिए हमेशा चुनौती रहा है। अन्य कई मामले भी दर्ज किए गए हैं। संवाद
दरोगाओं पर विवेचना का भार
क्षेत्र में बढ़ते आपराधिक मामलों से सबसे अधिक परेशानी दरोगाओं को उठानी पड़ रही है। मंगलौर कोतवाली में तैनात आधा दर्जन से अधिक दरोगाओं पर विवेचनाओं का भार है। एक-एक दरोगा के पास सैकड़ों विवेचनाएं लंबित पड़ी हुई हैं, जिस कारण पीड़ितों को समय से न्याय नहीं मिल पा रहा है। पीड़ित आए दिन दरोगाओं के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। महिला संबंधित मामलों में भी महिला दरोगा के पास अधिक विवेचना होने के कारण दुष्कर्म जैसे संगीन मामले भी अधर में लटके हैं।
वर्षवार मुकदमों का विवरण
वर्ष मुकदमे
2016 421
2017 635
2018 755
2019 779
2020 934
2021 1331
सभी छोटे-बड़े मामलों में मुकदमे दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके चलते वर्ष 2021 में मुकदमों की संख्या 1331 पहुंची है। इसमें 500 से अधिक मामले बिजली चोरी के हैं। पुलिस ने अधिकतर मामलों का खुलासा भी किया है। पुलिस को अपराधों पर लगाम लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
-डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, एसएसपी