चौकीदार का व्यवहार नहीं लगता था अच्छा
आरोपी ने बताया कि इकबाल करीब 10 साल से स्कूल की चौकीदारी कर रहा था और स्कूल प्रबंधन का विश्वासपात्र था। वह आए दिन ड्राइवर टिंकू और स्कूल के माली राजा को टोक रहा था। चौकीदार का यह व्यवहार उन्हें अच्छा नहीं लगता था। आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उनका रिश्तेदार दीपक स्कूल में आया था। इसके बाद टिंकू और दीपक बच्चों को स्कूल से घर छोड़कर इकबालपुर आए थे और दोनों ने यहां ठेके से शराब खरीदी थी। दोनों ने राजा को भी मौके पर बुला लिया था और तीनों ने मिलकर शराब पी थी। इस बीच राजा और टिंकू ने चौकीदार की टोकाटाकी का जिक्र किया और उसे सबक सिखाने का मन बनाया। इसके बाद दोनों ने दीपक के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। इसके बाद तीनों स्कूल के अंदर गए।
पुलिस ने राजा और दीपक को भी गिरफ्तार कर लिया
दीपक ने मौका पाकर इकबाल को लात मारकर नीचे गिराकर डंडों से वार कर मौत के घाट उतार दिया था। इसके बाद तीनों बाइक से इकबालपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां उन्होंने दीपक को ट्रेन में बैठाया था और दोनों घर वापस आए गए थे। आरोपी ने बताया कि उस समय तीनों को नहीं पता था कि इकबाल की मौत हो गई है। उन्हें अगले दिन उसकी मौत की जानकारी पता लगी थी। आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस ने राजा और दीपक को भी गिरफ्तार कर लिया। एसओ अंकुर शर्मा ने बताया कि टिंकू और राजा निवासी गांव माजरी खुंडेवाली, झबरेड़ा और दीपक निवासी गांव शिवपुर, थाना देवबंद जिला सहारनपुर हाल धानमंडी मौर, जिला बठिंडा, पंजाब को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
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नहीं कर पाए कैमरा बंद और टैटू छिपाने को बांधी पट्टी
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वारदात को अंजाम देने से पहले उनकी योजना सीसीटीवी कैमरे बंद करने की थी लेकिन वह बंद नहीं कर पाए। दीपक के हाथ में टैटू था और पहचान का खतरा था। उन्होंने इकबालपुर मेडिकल स्टोर से चार पट्टियां खरीदीं और गन्ने के खेत में चले गए। यहां पर उन्होंने पट्टियों से उसका टैटू छिपा दिया और टीशर्ट और पायजामा उतारकर उसके दोनों हाथों व पैरों पर भी पट्टियां लपेट दी थीं। गमछे से दीपक ने अपना चेहरा ढक लिया था।