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सचल दस्ते के प्रभारी गांव-गांव जाकर कर रहे किसानों की मदद

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उद्यान विभाग के सचल दस्ते प्रभारी किसानों से जानकारी लेते हुए। - फोटो : ROORKEE
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खेतों में उगाई गई गोभी की फसल जोतने की घटना सामने आने के बाद हरकत में आए उद्यान विभाग ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों की मदद शुरू कर दी है। सचल दस्तों के प्रभारियों ने किसानों की गोभी की पैकेजिंग कराने के बाद मंडियों में भिजवाने के लिए सचिवों और आढ़तियों से किसानों की वार्ता कराई। कुछ जगहों पर किसानों ने गांव के पास ही फड़ लगाकर गोभी बेची।
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पिछले कुछ दिनों से पिरान कलियर क्षेत्र के रहमतपुर समेत अन्य गांवों के सब्जी उत्पादक मंडियों में उचित दाम नहीं मिल पाने के कारण खेतों में ही गोभी की फसल जोत रहे थे। इस सूचना के बाद उद्यान विभाग के अधिकारियों ने गांवों में मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। इसके तहत विभाग के 12 सचल दस्तों के प्रभारियों ने गांव-गांव जाकर खेतों में खड़ी गोभी की फसल का आंकड़ा जुटाया। साथ ही किसानों को गोभी को खेतों में जोतने के बजाय मंडियों या फिर स्थानीय स्तर पर बेचने के लिए प्रेरित किया। जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि सचल दस्तों के प्रभारियों ने मौके पर पहुंचकर किसानों की मदद शुरू कर दी है। कई जगहों पर मंडियों में वार्ता कर गोभी भिजवाने में मदद की है। किसानों की गोभी की पैकेजिंग भी कराई गई। प्रेरित करने के बाद कई जगह किसानों ने स्थानीय स्तर पर ही फड़ लगाकर गोभी बेचना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि विभाग का पूरा प्रयास है कि किसान अपनी फसल को खेतों में न जोतें। गोभी की बिक्री में सहयोग के साथ ही किसानों को आगामी दिनों में बोई जाने वाली सब्जियों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।
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खेतों में जाकर जियो टैग से भेजी जा रही लोकेशन और फोटो
उद्यान विभाग के सचल दस्ते के प्रभारियों ने खेतों में पहुंचकर किसानों से जानकारी ली। साथ ही खेत में उसी लोकेशन पर जियो टैग के साथ फोटो भी विभाग को भेजी है। जिला उद्यान अधिकारी नरेंद्र यादव ने बताया कि प्रभारियों ने एक-एक जगह पहुंचकर लोकेशन के साथ फोटो भी उपलब्ध कराई है। इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम मिल रहा है।
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