बसेड़ी गांव निवासी आशीष गौतम को उसके परिजनों ने वजन बढ़ने के कारण छह महीने पहले रुड़की क्षेत्र के नशा मुक्ति केंद्र में भेजा था। परिजन उसके स्वस्थ होकर घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। मंगलवार देर शाम उसकी मौत होने की सूचना घर पहुंची तो कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार शाम को जब उसका शव घर पहुंचा तो परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
आशीष के पिता राकेश कुमार की एक वर्ष पूर्व मौत हो गई थी। परिवार में आशीष की मां प्रवेश देवी, दो बहनें और एक भाई है। दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। आशीष के छोटे भाई नवीन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं। उनके पिता राकेश के तीन भाई मुकेश, रामकुमार व ओम सिंह हैं। देहरादून में रह रहे ओम सिंह ने बताया कि आशीष की फिजिकल एक्टिविटी कम थीं इससे उसका वजन लगातार बढ़ रहा था।
शारीरिक और मानसिक समस्याओं के कारण उसे नशा मुक्ति केंद्र भेजा गया था। 25 अप्रैल को ही वह केंद्र में उससे मिलकर भी आए थे। केंद्र में योग और शारीरिक गतिविधियों की मदद से उसने अपना वजन काफी कम कर लिया था। परिजन को उसके स्वस्थ होकर शीघ्र वापस लौटने का इंतजार था लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। मंगलवार देर शाम को उन्हें आशीष की मौत की सूचना मिली थी। इसके बाद वह रुड़की पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद बुधवार को शव गांव में पहुंचा। गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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