रुड़की। आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में रिलांयस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन एवं प्रबंधक निदेशक मुकेश डी अंबानी ने कहा कि नया विश्व प्रौद्योगिकी क्रांति का है। अगले 20 वर्षों में दुनिया इतनी तेजी से बदलने जा रही है जितनी पिछले 300 वर्षों में भी नहीं बदली। ऐसे में भारत को स्थायी और उच्च आर्थिक वृद्धि दर की जरूरत है। वर्तमान में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सस्ती एवं आवश्यक ऊर्जा की पूर्ति बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि नए विश्व की 21वीं सदी में भारत के लिए अपार संभावनाएं हैं। इस दौरान 2305 छात्रों को उपाधि प्रदान की गई।
शुक्रवार दोपहर आईआईटी के दीक्षांत भवन में अंबानी ने 28 मिनट का भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने आईआईटी के बोर्ड आफ गवर्नर प्रो. अशोक मिश्र एवं निदेशक प्रो. प्रदीप्त बनर्जी द्वारा सौंपी गई मानद उपाधि को अपने पिता धीरू भाई अंबानी को समर्पित किया। कहा कि उनके पिता ने वर्ष 1960 में महज एक हजार रूप में शुरूआत करते हुए एक सपना देखा कि रिलायंस कंपनी देश की सबसे बड़ी कंपनी बने। आज रिलायंस देश की सबसे बड़ी कंपनी है। 18 देशों में डेढ़ लाख लोग इसमें अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
उन्होंने छात्रों से छोटी सी शुरूआत से महान लक्ष्य के लिए कदम बढ़ाने का आह्वान किया। कहा नया विश्व प्रौद्योगिकी क्रांति का है। इसमें किसी एक क्षेत्र में विशेषज्ञता प्राप्त करने से सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने छात्रों से कहा कि तुम वही हो जो नए भारत का निर्माण कर सकते हो। यह मत देखो को सबसे अच्छा कौन है बल्कि यह समझो कि सबसे अच्छा क्या है। इस दौरान 2305 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। जिसमें बीटेक के 1091, पीजी के 922 और पीएचडी के 292 छात्र शामिल रहे।
मोदी के प्रयासों को सराहा
रुड़की। मुकेश अंबानी ने देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की सराहना की। कहा कि मेक इन इंडिया, क्लीन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया जैसे कार्यक्रमों से उद्यमिता के क्षेत्र की संभावनाएं बढ़ी है। जिसने उद्यमिता के क्षेत्र में नए जोश का संचार किया है।