एक पार्षद ने शनिवार को निगम के दो कर्मचारियों के साथ मारपीट कर दी जिससे कर्मचारियों में रोष है। उन्होंने बताया कि नगर निगम में किसी कार्य का इस्टीमेट बनवाने पहुंचे पार्षद का किसी बात पर कर्मचारियों से विवाद हो गया। नगर आयुक्त ने मारपीट को गलत बताते हुए सख्त कार्रवाई की बात कही है।
पार्षद किसी काम को लेकर शनिवार दोपहर निर्माण अनुभाग के दफ्तर पहुंचे। वहां दो अस्थायी कर्मचारियों से उनकी किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई। आरोप है कि पार्षद ने कर्मचारियों के साथ पहले अभद्रता और फिर गाली गलौज की। इसके बाद दोनों कर्मचारियों को पीटना शुरू कर दिया। इससे कार्यालय में हंगामा हो गया। शोर सुनकर बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हो गए। उन्होंने दोनों कर्मचारियों को पार्षद से छुड़ाया। इसके बाद पार्षद वहां से निकल गए। पीड़ित कर्मचारियों ने बताया कि वह अधिकारियों के निर्देश पर किसी कार्य का इस्टीमेट बनाकर लाए थे। उसी को लेकर पार्षद ने यह मारपीट की है। इससे कर्मचारियों में रोष है।
वहीं नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ला का कहना है कि नगर निगम कर्मचारियों से अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पार्षद का इस तरह से कर्मचारियों से मारपीट करना बेहद निदंनीय है। वह इस मामले में कार्रवाई करेंगे। यदि कर्मचारी से कोई शिकायत थी तो पार्षद को सीधे उनसे बताना चाहिए था। पीड़ित कर्मचारी यदि मामले की लिखित शिकायत करते हैं तो पार्षद के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। मेयर गौरव गोयल ने घटना की निंदा करते हुए पार्षद द्वारा ड्यूटीरत कर्मचारी से मारपीट करना अशोभनीय बताया। उन्होंने कहा कि वे पूरी तरह कर्मचारी के साथ हैं।