नगर निगम की टीम ने बुधवार को गेंट्री पर लगे विज्ञापन हटवाने के लिए अभियान चलाया। निगम की टीम ने जैसे ही गेंट्री से विज्ञापन हटवाने शुरू किए तो अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे लेकिन अधिकारियों ने अभियान को जारी रखा। दो गेंट्री से विज्ञापन हटवा दिए गए हैं। इसी के साथ निगम ने गेंट्री का ठेका जारी करने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर निगम की शहर में तीन गेंट्री लगी है। दो साल से इनका ठेका नहीं हो पाया है। दो साल पहले 19 लाख रुपये में ठेका हुआ था। ठेका न होने से निगम को अब तक करीब 38 लाख रुपये के राजस्व की हानि हो चुकी है। ठेका न होने के बाद भी निगम इन तीनों गेंट्री पर बिना अनुमति विज्ञापन नियमित रूप से लग रहे थे। अमर उजाला ने 3 दिसंबर के अंक में ‘गेंट्री पर विज्ञापन से नगर निगम को लग रही चपत’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। नगर निगम के अधिकारियों ने खबर का संज्ञान लेते हुए मामले की जांच कराई तो वह सही निकली। इसके चलते नगर निगम के अधिकारियों ने गेंट्री पर बिना अनुमति लगे विज्ञापनों को हटवाने का काम शुरू कर दिया है।
निगम की टीम ने बिजली अनुभाग की हाइड्रोलिक ट्राॅली से मलकपुर चुंगी व एसडीएम चौराहे स्थित गेंट्री से विज्ञापनों को हटवा दिया है। हालांकि अभी सरकारी अस्पताल के समीप लगी गेंट्री से विज्ञापन हटाए जाने बाकी है। बताया गया कि निगम के इस अभियान के शुरू होते ही अधिकारियों के फोन घनघनाने लगे लेकिन अधिकारियों ने एक न सुनी।
I...तो एसडीएम चौराहे की गेंट्री हटाने के लिए हो रहा हादसे का इंतजार
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एसडीएम चौराहे पर लगी गेंट्री पर लगातार विज्ञापन लगाए गए हैं। हालांकि निगम की ओर से अधिकारिक रूप से एसडीएम चौराहे पर लगी गेंट्री पर विज्ञापन लगाने की कोई अनुमति नहीं है। न ही इसके लिए कोई टेंडर ही जारी किया गया है। सड़क सुरक्षा समिति ने इस गेंट्री पर आपत्ति जताई थी। साथ ही इसे हटाए जाने की सिफारिश की थी लेकिन अब तक भी इसे हटाया नहीं गया है। इससे यहां हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। यही नहीं इस पर विज्ञापन भी लगाए जा रहे हैं जो सड़क हादसे की एक बड़ी वजह बन सकती है।