उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच भूमि के लिए चले आ रहे सीमा विवाद के मामले में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद शनिवार को हरिद्वार व उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर और बिजनौर की राजस्व, चकबंदी व प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर चिह्नीकरण किया।
उत्तराखंड राज्य गठन से पहले उत्तर प्रदेश के साथ सीमा विवाद चल रहा है। इसे लेकर चंद्रपुरी खादर गांव के ग्राम प्रधान अमरपाल सिंह ने पिछले दिनों नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसपर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने लक्सर तहसील प्रशासन की टीम के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर व जनपद बिजनौर की राजस्व विभाग की टीम को मौके पर पहुंचकर जमीन की पैमाइश करने के आदेश जारी किए थे।
इसके बाद लक्सर तहसील प्रशासन ने मुजफ्फरनगर में बिजनौर जिला प्रशासन से पत्राचार किया था। इसके बाद शनिवार को हरिद्वार जिलाधिकारी के आदेश पर एसडीएम सौरभ असवाल ने लक्सर तहसीलदार शुभांगिनी के साथ-साथ राजस्व विभाग चकबंदी विभाग की टीम को मौके पर भेजा था। उधर से बिजनौर बंदोबस्त की टीम व जानसठ तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी।
इसके बाद दोनों टीमों ने चंद्रपुरी खादर के जंगल में लगे सियादें (दो गांव की सीमा के लिए लगाया गया पिलर) का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने गंगा के दूसरे पर स्थित मजलिसपुर तोफिर के जंगल में लगे सियादें भी देखें। टीम ने बताया कि भूमि की हदबंदी की बाबत सियादे देख लिए गए हैं। अब सजरे ट्रेस किए जाएंगे और उसके बाद संयुक्त नक्शा तैयार कर भूमि की पैमाइश का कार्य शुरू किया जाएगा। इस दौरान चंद्रपुरी ग्राम प्रधान अमरपाल सिंह चौहान, पूर्व प्रधान राजपाल सिंह, मनोज कुमार, मांगेराम, शेषराज, रकम सिंह, सोमपाल, मदनपाल, रिशिपाल आदि मौजूद रहे।