भगवानपुर तहसील की प्रशासनिक टीम ने बुधवार को एक शिकायत पर श्रम विभाग व पुलिस को साथ लेकर एक ईंट-भट्ठा पर छापा मारा। छापे के दौरान टीम ने तीन परिवार के नौ सदस्यों को मुक्त कराया। तीनों ही परिवार को गाड़ी से उनके बरेली स्थित निवास के लिए रवाना कर दिया गया है।
भगवानपुर उप जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार को शिकायत मिली थी कि बिंडूखड़क गांव में स्थित एक ईंट-भट्ठा स्वामी ने मजदूरों के तीन परिवारों को बंधक बनाया हुआ है। उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। बिना वेतन दिए ही उनसे ईंट पथाई का काम लिया जा रहा है। शिकायत पर एसडीएम ने नायब तहसीलदार अनिल कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम गठित की। इसमें श्रम विभाग के निरीक्षक अनिल कुमार पुरोहित व झबरेड़ा थाना पुलिस को शामिल किया गया।
बुधवार को नायब तहसीलदार अनिल गुप्ता के साथ टीम मौके पर पहुंची। मौके पर श्रमिकों के तीन परिवार मिले। इसमें श्रमिक, उनकी पत्नी व बच्चों समेत नौ लोग थे। नायब तहसीलदार ने बताया कि तीनों परिवारों को मुक्त करा दिया गया है। उन्हें उनके बरेली, उत्तर प्रदेश के लिए रवाना कर दिया गया है। उनके लिए एक पिकअप वाहन की व्यवस्था की गई थी। इसका किराया भी भट्ठा स्वामी से लिया गया है।