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अतिक्रमण विरोधी अभियान से प्रशासन ने खींचे हाथ

Sun, 29 Nov 2015 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
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रुड़की। शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर एक माहौल बनते ही प्रशासन ने अचानक हाथ पीछे खींच लिए हैं। अब पंचायत चुनाव तक अभियान स्थगित रहेगा। अभियान रोकने के पीछे चुनाव के दौरान शांति व्यवस्था के लिए पुलिस की रिपोर्ट का हवाला दिया गया है। वहीं चुनावी व्यस्तता की मजबूरी भी जताई गई है। लेकिन, यह सारी परिस्थितियां पहले से ही प्रशासन के सामने होने के बावजूद अब अचानक कदम पीछे हटने पर सवाल खड़े होने लाजिमी हैं।
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शहर में अतिक्रमण बड़ी समस्या है। त्योहारी सीजन में रोजाना जाम लगने के कारण अतिक्रमण विरोधी अभियान की रूपरेखा तैयार हुई। प्रशासन ने करीब तीन हफ्तों की कसरत के बाद बीते 23 नवंबर को रामनगर की यादवपुरी कालोनी से अभियान की शुरुआत भी की। विरोध के चलते अभियान आधे घंटे में थम गया। तीन दिन स्थगित रहने के बाद शुक्रवार को अभियान की शुरुआत मेन बाजार से की गई। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मंगेश घिल्डियाल की अगुवाई में मेन बाजार व मच्छी मोहल्ला से होते हुए रामपुर रोड पर करीब 100 दुकानों के पक्के अतिक्रमण हटाए।
इसी रोड पर शनिवार को आगे के अभियान की रणनीति तय की गई थी। शनिवार की सुबह अचानक प्रशासन के कदम ठिठक गए। अभियान को पंचायत चुनाव तक विराम दे दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पंचायत चुनाव के मद्देनजर अभियान के दौरान विरोध शांति व्यवस्था पर भारी पड़ सकता है। पुलिस की रिपोर्ट और चुनावी व्यस्तता के कारण अभियान फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। बहरहाल प्रशासन के अचानक लिए गए इस फैसले से शुरुआत से अभियान की हवा निकालने में जुटे रहे लोगों को सीना ठोकने का मौका भी मिल गया।
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बाजार में दोपहर तक बढ़ी रही धड़कने
शुक्रवार को रामपुर रोड पर सपना सिनेमा तक अभियान चलने के बाद शनिवार को इससे आगे से शुरुआत होनी थी। यहां सुबह से ही लोगों की धड़कने बढ़ रही। कई घंटे इंतजार के बाद प्रशासन कहीं नजर नहीं आया। दोपहर बाद जाकर अतिक्रमणकारियों की बेचैनी कम हुई।

रामनगर में खुद हटाए अतिक्रमण
अभियान की हलचल पर रामनगर में दुकानदारों ने खुद अपने अतिक्रमण हटाए। मेन बाजार में दुकानों के बाहर डाले गए टीन शेड को व्यापारियों ने खुद ही खोल लिया। वहीं मेन बाजार में भी लोग खुद ही अपना अतिक्रमण हटाने में जुटे रहे।

‘अभियान का विरोध करने वाले शहर के दुश्मन’
शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान को कई संगठनों ने समर्थन दिया है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी आईटी व आरटीआई प्रकोष्ठ के महासचिव आशीष सैनी ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जो लोग अतिक्रमण अभियान का विरोध कर रहे हैं, वह शहर के दुश्मन हैं। अभियान के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उत्तराखंड राज्य अधिवक्ता संघ के महामंत्री राव मुनफैत अली ने कहा कि हटाने के बाद दोबारा अतिक्रमण करने पर प्रशासन को मुकदमे दर्ज कराने चाहिए। पीपुल्प पार्टी के नवीन जैन, विवेक जैन, अमन सैनी, राजबीर गिरी, राजेंद्र सिंह, अंकुश कुमार, विकास पंवार आदि ने अवैध निर्माण व अतिक्रमण को लेकर एचआरडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

आचार संहिता लागू हो चुकी है, चुनाव के दौरान अभियान से शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी। पुलिस से भी ऐसी रिपोर्ट मिली है, जिसके चलते चुनाव के दौरान फिलहाल अभियान स्थगित करने का फैसला लिया गया है। चुनाव निपटने पर अभियान निश्चित तौर पर चलाया जाएगा। -मंगेश घिल्डियाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट।
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