कोतवाली क्षेत्र साउथ सिविल लाइन स्थित जिम संचालक मंजुल त्यागी की सड़क हादसे में मौत के मामले में अब हत्या और सबूत मिटाने की संगीन धाराओं के तहत तहरीर दी गई है। आरोप है कि कार सवार युवकों ने जानबूझकर जिम संचालक पर गाड़ी चढ़ाई और फिर टाटा मोटर्स के शोरूम कर्मियों की मदद से सबूत मिटाने का प्रयास किया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुंडेट निवासी मंजुल त्यागी 30 जनवरी की रात नौ बजे अपनी बाइक से जिम बंद करके घर लौट रहा था। एक होटल के पास पीछे से आ रही कार के चालक ईशान और उसके साथी हिमालयन त्यागी ने लापरवाही से बाइक को टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता सुशील त्यागी का आरोप है कि टक्कर लगने के बाद जब मंजुल नीचे गिर गया तो आरोपियों ने मानवीयता दिखाने के बजाय कार को मंजुल के ऊपर चढ़ा दिया और मौके से फरार हो गए। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मंजुल को मृत घोषित कर दिया था।
आरोप है कि घटना के बाद आरोपी कार को लेकर बाजार के पास रुके। वहां शुभम और मनीष नाम के दो युवक एक बड़ी काली गाड़ी में आए और आरोपियों को भगाने में मदद की। यहीं नहीं आरोप है कि टाटा मोटर्स (मिडास मोटर्स) के मैनेजर और अन्य कर्मचारी एक कार से मौके पर पहुंचे।
उन्होंने कथित तौर पर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से दुर्घटनाग्रस्त कार की नंबर प्लेट उतार दी और गाड़ी के साथ छेड़खानी की। जब एक प्रत्यक्षदर्शी ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो शोरूम कर्मियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि उसके पास घटना से संबंधित वीडियो फुटेज भी मौजूद है।
कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर चालक ईशान, हिमालयन त्यागी, शुभम, मनीष और शोरूम के मैनेजर सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।