नाबालिग को बहला फुसला कर अपहरण और दुराचार करने के आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट अंजुश्री जुयाल ने दस वर्ष के कारावास और 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
शासकीय अधिवक्ता कुशलपाल सिंह ने बताया कि पीड़िता के पिता ने थाना पथरी में 21 अक्तूबर 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग लड़की 16 अक्तूबर 2014 को घर से बिना बताए कहीं चली गई है। पुलिस ने 21 जनवरी 2015 को पीड़िता को आरोपी सोनू पुत्र शंभू निवासी ग्राम नसीरपुर कलां के साथ रुड़की बस अड्डे से गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से दस गवाह पेश किए गए। दोनो पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने और बहस सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश और विशेष जज पोक्सो एक्ट अंजुश्री जुयाल ने आरोपी सोनू को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कारावास व 70 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।