लंबे समय से बिल नहीं जमा करने पर ऊर्जा निगम की टीम ने कुछ बकायेदारों के कनेक्शन काटे तो दबंगई दिखाते हुए एक सफेदपोश ने इनमें से कुछ कनेक्शन जबरन दोबारा जोड़ दिए। विरोध में उतरे लाइनमैन के साथ हाथापाई भी की गई। यहां तक कि लाइन से छेड़छाड़ और मीटर की सील भी तोड़ दी। ऊर्जा निगम की टीम ने सफेदपोश के खिलाफ भगवानपुर थाने में तहरीर दी है।
ऊर्जा निगम ने इस समय बिजली के बिल की वसूली के लिए अभियान चला रखा है। धनौरी के हजारा ग्रंट और झिड़ियान ग्रंट आदि गांवों में कई लोगों पर निगम का भारी बकाया चल रहा है। तीन दिन पहले ऊर्जा निगम की टीम ने क्षेत्र में कुछ बकायेदारों के कनेक्शन काटे थे। अगले दिन एक राजनीतिक पार्टी का नेता ऊर्जा निगम के अधिकारियों के पास पहुंचा और कनेक्शन न काटने की बात कहते हुए आवेदन दिया। साथ ही धमकी दी कि यदि निगम ने कनेक्शन नहीं जोड़े और दोबारा कनेक्शन काटे तो वे खुद जोड़ देगा। इस दौरान कुछ हुआ तो जिम्मेदारी विभाग की होगी।
कुछ दिन बाद टीम फिर कनेक्शन काटने पहुंची तो सफेदपोश मौके पर आकर विवाद करने लगा। टीम ने यहां कुछ बकायेदारों के कनेक्शन काट दिए और लौट आई। इसी बीच सफेदपोश ने दबंगई दिखाते हुए बिजली की लाइन से छेड़छाड़ करते हुए स्वयं लोगों के कनेक्शन जोड़ दिए। जबकि सरकारी बिजली की लाइन से छेड़छाड़ आपराधिक मामला है। वहीं, लाइनमैन ने विरोध किया तो हाथापाई शुरू कर दी। सूचना मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच और कनेक्शन दोबारा काट दिए। इसके बाद उनके जाते ही आरोपी ने फिर कनेक्शन जोड़ दिए।
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...तो दबाव में आए अधिकारी
घटना वाले दिन विवाद बढ़ने पर ऊर्जा निगम के एसडीओ टीम के साथ भगवानपुर थाने पहुंचे। यहां पुलिस ने आरोपी पक्ष को भी बुला लिया। मामला ऊर्जा निगम के उच्चाधिकारियों के संज्ञान में भी आ गया। थाने में काफी देर की मशक्कत के बाद भी कोई हल नहीं निकला तो टीम लौट आई। अब इस मामले में ऊर्जा निगम के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है जबकि थानाध्यक्ष पीडी भट्ट का कहना है कि विवाद के दौरान क्षेत्र के एसडीओ ने दूसरे पक्ष से बातचीत होने की बात कहते हुए दो-तीन दिन बाद कार्रवाई के बारे में बताने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने मामले में कोई जानकारी नहीं दी। यदि विभाग कहता तो उसी दिन केस दर्ज कर दिया जाता। दूसरी ओर, बताया जा रहा है कि इस मामले में कुछ किसान नेताओं का भी दखल बढ़ गया है।