राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने रुड़की ब्लॉक के 67 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में एक साथ विवेकाधीन अवकाश घोषित करने का विरोध किया है। उपशिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर आगामी 12 नवंबर को होने वाली राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (एनएएस) के मद्देनजर विवेकाधीन अवकाश खत्म करने की मांग की है।
अहोई अष्टमी पर शिक्षिकाएं अपनी संतान के लिए उपवास रखती हैं। इसे देखते हुए रुड़की ब्लॉक के 67 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने आपसी सहमति से अहोई पर विवेकाधीन अवकाश पर रहने की जानकारी दी है। वहीं, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने इका विरोध किया है। एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष गेंदा सिंह ने बताया कि 12 नवंबर को एनएएस की परीक्षा है। इससे पहले 29 को रुड़की ब्लॉक के विद्यालयों में एनएएस की प्री परीक्षा होनी है। इसकी गंभीरता को देखते हुए जिले के अन्य ब्लॉकों में सभी प्रकार के अवकाशों पर रोक लगा दी गई है। ऐसे में परीक्षा को दरकिनार कर विद्यालयों के अवकाश पर सहमति जताना छात्रहित में नहीं है। उन्होंने मांग की है कि एनएएस परीक्षा होने तक सभी प्रकार के अवकाश पर रोक लगाई जानी चाहिए। मामले में उपशिक्षा अधिकारी कुंदन सिंह ने कहा कि शिक्षकों को साल में तीन विवेकाधीन अवकाश दिए जाते हैं। ये अवकाश वे अपने विवेक से कभी भी ले सकते हैं। हालांकि, उन्हें विभाग को सूचित करना अनिवार्य है। शिक्षकों ने अवकाश लेने की सूचना दे दी है। अवकाश को रद्द करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।