जमालपुर क्षेत्र में पानी में दिखे कीड़े । स्रोत:वीडियो ग्रैब
गन्ने की कमी के कारण शुगर मिलों पर संकट मंडराने लगा है। अभी मिलों के पेराई सत्र को शुरू हुए एक माह भी नहीं हुआ है कि लिब्बरहेड़ी शुगर मिल को नोकेन का सामना करना पड़ रहा है। दिन में यार्ड खाली होने से मिल को बंद करना पड़ रहा है।
इस बार मौसम की मार के कारण गन्ने की फसल को नुकसान हुआ है। इसके अलावा गन्ने के रकबे में भी 10 हजार से अधिक बीघा की कमी हुई। इसके कारण मिलों को पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इसमें लिब्बरहेड़ी शुगर मिल में ज्यादा दिक्कत है।
इसके पीछे गन्ना तौल केंद्रों के वितरण को भी कारण माना जा रहा है। इसके अलावा गन्ना कोल्हुओं में मिल से ज्यादा गन्ने के दाम भी एक वजह बन रही है। मिल के गन्ना प्रबंधक अनिल सिंह के मुताबिक सोमवार को दिन में यार्ड पूरी तरह खाली हो गया। पर्याप्त मात्रा में गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इससे मिल अपनी पूरी क्षमता के साथ पेराई नहीं कर पा रही है। उन्होंने बताया कि मिल की क्षमता 24 घंटे में 80 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई करने की है। फिलहाल हर दिन 10 से 12 हजार क्विंटल गन्ना कम मिल रहा है।