किसानों के लिए लावारिस पशु मुसीबत बन गए हैं। किसानों को इनसे अपनी फसलों को बचाने के लिए लगातार खेतों की पहरेदारी करनी पड़ रही है।
इलाके में लावारिस पशुओं की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है जो किसानों के लिए चिंता का विषय है। खेड़ा जट्ट के किसान सुमित ने बताया कि इन पशुओं से फसलों को बचाने के लिए किसानों को रात भर जागकर अपने खेतों पर जाकर फसलों की पहरेदारी करनी पड़ रही है। सोनू कुमार ने बताया कि हाल ही में बोई गई मक्के चारे की फसल को लावारिस पशु पूरी तरह से चट कर गए। इससे उन्हें बहुत नुकसान हुआ है।
उसके अलावा लावारिस पशुओं से राहगीरों को भी खतरा बना हुआ है। कुछ पशु इतने खतरनाक हो चुके हैं कि वह सीधा हमला करते हैं। वाहनों के सामने आ जाते हैं। किसानों का कहना है कि फसलों को लावारिस पशुओं से बचाने के लिए खेतों की तारबंदी ही एकमात्र उपाय है लेकिन यह कार्य काफी महंगा होने के कारण किसान इसे नहीं अपना पा रहे हैं। कभी-कभी लावारिस पशु आपस में लड़ने लगते हैं और फसल को रौंद देते हैं। लावारिस पशुओं की बढ़ती संख्या से किसानों को काफी नुकसान पहुंच रहा है।