गेहूं की फसल का अच्छा उत्पादन लेने के लिए यूरिया के अलावा सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति करना बेहद जरूरी है। इससे उत्पादन के साथ ही गेहूं की गुणवत्ता भी अच्छी मिलती है। कृषि विशेषज्ञ गेहूं का सही उत्पादन व अच्छी क्वालिटी के दानों के लिए सूक्ष्म पोषक तत्व का छिड़काव करने की सलाह दे रहे हैं।
क्षेत्र ने गेहूं की फसल को मुख्य फसल के तौर पर उगाया जा रहा है। जनवरी माह में किसान फसल के बेहतर उत्पादन लेने के लिए यूरिया खाद का छिड़काव करने में लगे हुए हैं लेकिन यूरिया की ज्यादा मात्रा जमीन की उपजाऊ क्षमता को कम कर रही है। वहीं, फसल को पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। फसल का रंग गाढ़ा हरा होने के बजाय पीला ही बना हुआ है।
ज्यादा लागत के बावजूद भी किसान निराश हैं क्योंकि फसल को नाइट्रोजन (यूरिया) के अलावा भी कई सूक्ष्म पोषक तत्वों की जरूरत पड़ती है। इनमें जिंक, कोबाल्ट, सल्फर, बोरोन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, कॉपर व आयरन आदि तत्व शामिल हैं। सहायक कृषि विकास अधिकारी चैन पाल सिंह ने बताया कि गेहूं की फसल को यूरिया के अलावा सूक्ष्म पोषक तत्वों की पूर्ति करने से फसल का रंग हरा बना रहता है और उत्पादन भी बेहतर मिलता है। आजकल गेहूं की फसल में इन पोषक तत्वों का स्प्रे करवाने का उचित समय चल रहा है।