लक्सर एडीजे कोर्ट ने गोली मारकर हत्या करने की कोशिश मामले में छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। उन्हें दस-दस साल की सजा सुनाई गई है। मामला आठ साल पहले पानी की निकासी को लेकर हुए विवाद के बाद का है।
वादी पक्ष के अधिवक्ता सज्जाद अहमद ने बताया कि 16 अगस्त, 2011 को लक्सर कोतवाली क्षेत्र के मुकरपुर गांव निवासी हनीफ और जान इलाही के परिवार वालों के बीच पानी की निकासी को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान जान इलाही के बेटों ने अपने परिवार वालों के साथ मिलकर हनीफ पक्ष पर फायरिंग कर दी थी। फायरिंग के दौरान इसरत पुत्र हनीफ और उसका बेटा गुल बहार गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस मामले में हनीफ ने जान इलाही के बेटे मुर्तजा, मुनीश, मुस्तफा, इमरान और मेहरबान के अलावा फुरकान पुत्र गनी व यूनुस के खिलाफ लक्सर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था।
लक्सर एडीजे कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी। सुनवाई के दौरान इस मामले में तीन चश्मदीद गवाहों ने घटना के संबंध में बयान दिए थे। इस मामले में एडीजे अंबिका पंत ने फुरकान, मेहरबान, इमरान, मुस्तफा, मुनीश और मुर्तजा को दोषी करार देते हुए उन्हें दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर एक-एक हजार का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि अदा न करने पर उन्हें छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी। अधिवक्ता सज्जाद अहमद ने बताया कि कोर्ट ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है। जबकि आरोपी यूनुस की घटना स्थल पर मौजूदगी मिलने पर उसे बरी कर दिया गया है।