झबरेड़ा क्षेत्र के कुंजा बहादुरपुर शहीद स्मारक पर शहीदों की टेली रफ़ल्म बनाते मेरठ के कलाकार।
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कुंजा बहादरपुर स्थित शहीद राजा विजय सिंह और अन्य शहीदों की दास्तान अब किताबों से निकलकर पर्दे पर दिखाई देगी। इस गांव से ही सबसे पहले आजादी का बिगुल बजा था। मेरठ से आई कलाकारों की टीम ने गांव में पहुंचकर एक टेलीफिल्म की शूटिंग की। शूटिंग देखने के लिए गांव के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
बता दे कि अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सबसे पहले क्रांति का बिगुल इकबालपुर के पास स्थित कुंजा बहादरपुर से बजा था। राजा विजय सिंह के नेतृत्व में सन 1822 में भारत में सबसे पहला स्वतंत्र संग्राम शुरू हुआ था। राजा विजय सिंह उनके सेनापति कल्याण सिंह भूरा व एक अन्य सैनिकों ने अंग्रेजी हुकूमत को हिला कर रख दिया था। बगावत होते देख अंग्रेजों ने तीन अक्तूबर सन 1824 को कुंजा गांव को चारों तरफ से घेर लिया था और बंदूकों व तोपों से हमला कर दिया था। इसमें पूरा गांव शहीद हो गया था। इन शहीदों की कुर्बानी पर टेलीफिल्म बनाने के लिए मेरठ से रविवार को एक टीम गांव पहुंची। फिल्म के डायरेक्टर मेरठ निवासी रजत कपासिया ने बताया कि उन्होंने कुंजा गांव की कहानी किताब में पढ़ी थी। कहानी से प्रभावित होकर उन्होंने और यहां से बजे आजादी के बिगुल के बारे में विस्तृत जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने गांव पर फिल्म बनाने का मन बनाया। पैसे के अभाव में काफी समय तक फिल्म नहीं शुरू कर पाए। इसके बाद उन्होंने कुछ बाहरी तो कुछ स्थानीय कलाकारों की टीम बनाकर फिल्म की शूटिंग के ेिलए गांव पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि अभी फिल्म के कुछ मुख्य अंश गांव में शूट किए गए हैं। बाकी शूटिंग के लिए अन्य लोकेशन की तलाश की जा रही है। जल्द ही फिल्म की शूटिंग पूरी कर ली जाएगी। बताया कि अभी फिल्म का नाम गोपनीय रखा गया है। जल्द ही नाम का भी खुलासा किया जाएगा।