सुभाषनगर के 50 से अधिक परिवार प्रभावित, पीने के आनी में आ रहा सीवर का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। शहर के अधिकांश हिस्सों में सीवर लाइन चोक होने से हालात गंभीर होते जा रहे हैं। सुभाषनगर क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से घरों में पीने के पानी के साथ सीवर का गंदा पानी मिलकर आ रहा है जिससे 50 से अधिक परिवारों के लोग परेशान हैं। परेशान क्षेत्रवासी लगातार पेयजल और सीवर विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। मंगलवार को विभागीय कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर सीवर चैंबर को खाली करने का काम शुरू किया। इसके बाद यह जांच की जाएगी कि सीवर लाइन कहां से क्षतिग्रस्त हुई है। समस्या की बड़ी वजह वर्ष 2023 में शहर में 500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से डाली गई सीवर लाइनों की खराब गुणवत्ता बताई जा रही है। जगह-जगह सीवर चैंबर धंस रहे हैं, लाइनें चोक हो रही हैं और सीवर ओवरफ्लो होकर नालियों व सड़कों पर बह रहा है। स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि सीवर चैंबर के पास से गुजर रही पेयजल लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। चैंबर चोक होने से गंदा पानी ऊपर तक भर जाता है और क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के जरिए नलों में पहुंच रहा है। सुभाषनगर के 50 से अधिक घरों के लोग पिछले पांच दिनों से इस समस्या से जूझ रहे हैं। जिन घरों में प्यूरीफायर लगे हैं, वे किसी तरह काम चला पा रहे हैं, जबकि अन्य लोगों को हैंडपंप से पानी लाना या फिर खरीदकर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है।
क्षतिग्रस्त लाइन से अन्य लोगों के घरों में भी पहुंचने लगता है दूषित पानी
- दरअसल, जिस समय पानी को ओवरहैड टैंक से बंद किया जाता है तो हवा का प्रेशर पेयजल लाइन के पानी को पीछे की ओर खींचकर मेन लाइन तक ले जाता है। ऐसे में यदि लाइन कहीं से क्षतिग्रस्त हो और वहां सीवर का पानी जमा हो तो वह इसे भी अपने साथ खींच लेता है जिससे मेन लाइन का पानी भी दूषित हो जाता है। पानी को फिर से छोड़े जाने पर पानी क्षतिग्रस्त लाइन के अलावा अन्य सभी घरों में भी पहुंचता है।
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सोलानीपुरम में भी आई थी इसी तरह की समस्या
- करीब एक साल पहले सोलानीपुरम कॉलोनी में भी इसी तरह की समस्या आई थी। तब पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने से घरों में दूषित पानी आने लगा था। इस पानी की राष्ट्रीय जल विज्ञान संस्थान में जांच की गई तो इसमें कोलीफॉर्म पाए गए थे। इसके बाद लाइनों को बदला गया था।
परिचर्चा -
सुबह और शाम गंदा पानी आ रहा है, बाल्टी भरने पर पानी का काला रंग नजर आ रहा है। कुछ देर बाद गंदगी कुछ कम हो जाती है। करीब 5 दिनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
रमेश पंवार, सुभाषनगर
घर के बाहर के चैंबर को खोलकर देखा तो सभी चोक मिले, कई बार इन चैंबर का गंदा पानी ओवरफ्लो होने लगता है, इन अव्यवस्थाओं का खामियाजा सभी लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
शिवचरण शर्मा, सुभाषनगर
वर्जन -
सुभाषगर में दूषित पेयजल की समस्या के समाधान के लिए टीम को मौके पर भेजा गया लेकिन यहां पर सीवर लीाइन चोक हैं और चैंबर में गंदा पानी ऊपर तक ठहरा हुआ है जिस कारण क्षतिग्रस्त पाइप लाइन की जांच नहीं हो पा रही है। इसके लिए जल संस्थान गंगा इकाई की ओर से चैंबर की सफाई कराई जा रही है। इसके बाद लाइन को दुरुस्त कर समस्या का समाधान किया जाएगा।
रवि विवेक, अपर सहायक अभियंता, जल संस्थान