कहा, वंचित राज्य आंदोलनकारी चिह्नित न हुए तो सम्मान पत्र करेंगे वापस
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संघर्ष समिति एवं अशोक नगर क्षेत्रीय विकास समिति ने पूर्व आंदोलनकारियों की मांगों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की। साथ ही मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को सौंपा।
मंगलवार को एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में केंद्रीय अध्यक्ष एवं रुड़की के प्रथम राज्य आंदोलनकारी हर्ष प्रकाश काला ने कहा कि नौ नवंबर को राज्य स्थापना की 23वीं वर्षगांठ मनाई जाएगी। कहा कि 23 वर्ष के युवा उत्तराखंड की प्रगति की प्रक्रिया उत्तराखंड राज्य निर्माण संघर्ष से कोसों दूर है। अब भी जवानी, जल, जंगल एवं जमीन को बचाने के लिए और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मूलभूत समस्याओं के लिए सतत संघर्ष करना पड़ेगा।
कहा कि विकास के लिए छोटा परिवार सुखी परिवार के आधार पर कम से कम सात नए जिलों की घोषणा होनी चाहिए। साथ ही राज्य निर्माण में संघर्षरत आंदोलनकारियों का चिह्निकरण, एक समान पेंशन, मृतक आश्रितों को पेंशन एवं राज्य निर्माण सेनानी का सम्मान मिलना चाहिए।
कहा कि नौ नवंबर को स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री उत्तराखंड चिह्निकरण से वंचित राज्य आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं करते हैं और दस प्रतिशत क्षैतीज आरक्षण का शासनादेश जारी नहीं करते तो वह अपना सम्मान पत्र सरकार को वापस कर देंगे।
इस मौके पर केंद्रीय कोषाध्यक्ष प्रेमदत्त गोदियाल, वरिष्ठ आंदोलनकारी सरोज थपलियाल, दिक्का ध्यानी, राधाकृष्ण पुरोहित, बिजेंद्र हेमदान, शिवचरण बिंजौला आदि मौजूद रहे।