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रुड़की ब्लॉक की ग्राम पंचायतों में 3900 आपत्तियों का हुआ निस्तारण

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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर रुड़की ब्लॉक की वोटर लिस्ट पर आई सभी आपत्तियों का अंतिम दिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निपटारा कर दिया गया है। अब दोबारा संशोधित वोटर लिस्ट तैयार कर उसका प्रकाशन किया जाएगा।
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हरिद्वार जिले में इस समय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। इसके मद्देनजर मार्च में बीएलओ ने गांव-गांव जाकर पांडुलिपि तैयार की थी। इसके बाद पांडुलिपि से वोटर लिस्ट तैयार कर प्रकाशित कराया गया था। 28 जून को वोटर लिस्ट ग्रामीणों के बीच चस्पा कर दी गई थी। पांच जुलाई तक ग्रामीणों ने वोटर लिस्ट पर दावे और आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इसके लिए ग्राम पंचायतों में फार्म रखे गए थे। ग्रामीणों ने फार्म भरकर और दावे व आपत्तियों के संबंध में साक्ष्य लगाकर जमा कर दिए थे। रुड़की ब्लॉक से कुल 3900 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। इसके निस्तारण के लिए छह दिन का समय था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार छोटी आपत्तियों को पहले ही दिन निपटाना शुरू कर दिया गया था।
बड़ी आपत्तियों का निस्तारण अंतिम दिन किया गया। सोमवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अपूर्वा पांडे ब्लॉक कार्यालय पहुंची। उन्होंने बीडीओ मनोज कोठारी, एडीओ पंचायत बिजेंद्र सैनी और वीडीओ की मौजूदगी में आपत्तियों का निस्तारण किया। उन्होंने आपत्तियां करने वाले लोगों को मौके पर बुलाकर उनका निस्तारण किया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि सभी आपत्तियों का निस्तारण कर दिया गया है। अब दोबारा वोटर लिस्ट तैयार कर अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। एडीओ पंचायत बिजेंद्र सैनी ने बताया कि जिन आपत्तियों और दावे के साथ उनके साक्ष्य भी लगाए गए थे, उसका निस्तारण कर दिया गया है। जिनके साथ कोई साक्ष्य नहीं था, उन्हें रद्द किया गया है।
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भौरी से आईं सबसे ज्यादा आपत्तियां
ब्लॉक के भारापुर भौरी गांव से वोटर लिस्ट में सबसे ज्यादा 400 आपत्तियां आई थीं। दरअसल, इस गांव से जुड़े हरि आश्रम नगर में बड़ी संख्या में बाहरी लोग रहते हैं। यहां के लोगों ने वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाने के लिए आपत्तियां लगाई थीं। आपत्ति थी कि उनका नाम वोटर लिस्ट में नहीं जोड़ा गया है। मामले में एडीओ पंचायत बिजेंद्र सैनी ने बताया कि यहां से आईं आपत्तियों के साथ लोगों ने मात्र बिजली का बिल लगाया हुआ था। वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने के लिए केवल बिजली का बिल साक्ष्य नहीं है। जिन लोगों ने आपत्तियों के साथ आधार कार्ड, पुराना वोटर कार्ड या दूसरे प्रदेशों से निरस्तीकरण प्रमाणपत्र जमा कराया था, उनका नाम वोटर लिस्ट में जोड़ दिया गया है। जो लोग संपूर्ण साक्ष्य नहीं दिखा पाए, उनका नाम वोटर लिस्ट से बाहर ही रखा है। साथ ही पर्यवेक्षक मनोज सिंह चौहान को जांच सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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11 वोटर दो गांवों से जुड़े
जलालपुर और टोडा अहतमालपुर गांव में 11 वोटर ऐसे हैं, जिनके नाम दोनों गांवों में जुड़े हुए हैं। इसका खुलासा एक युवक के वोटर लिस्ट पर आपत्ति दर्ज कराने के बाद हुआ। एडीओ पंचायत ने मामले की जांच ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को सौंपी है। उन्होंने बताया कि जांच के बाद इन वोटरों का किसी एक गांव से नाम काट दिया जाएगा। यदि दोनों गांवों में नाम फर्जी तरीके से लिखवाए गए होंगे तो दोनों गांव से नाम काट दिए जाएंगे।
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