ज्योतिष गुरुकुलम् में भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास आचार्य पंडित रमेश सेमवाल ने भगवान कृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया। साथ ही भगवान श्री कृष्ण और रुक्मिणी विवाह का वर्णन भी किया।
शनिवार को पुरानी तहसील में कथा व्यास आचार्य पंडित रमेश सेमवाल ने कहा कि कलियुग में भगवान की भक्ति विशेष फल देने वाली है। भक्ति में ही शक्ति है। आज के युवाओं को माता-पिता की सेवा और सम्मान करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम ने माता-पिता और गुरु का हमेशा सम्मान किया। भगवान श्रीराम पिता की आज्ञा से 14 वर्ष के लिए वनवास चले गए थे। माता-पिता को भी अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देने चाहिए। बालक ध्रुव ने पांच वर्ष में भगवान की तपस्या की और भगवान को प्रसन्न किया। प्रह्लाद ने भगवान की भक्ति की और भगवान नरसिंह अवतार के रूप में प्रकट हुए। इस दौरान आचार्य नरेश शास्त्री, आचार्य संदीप शास्त्री, सुलक्षणा सेमवाल, अदिति सेमवाल, राधा भटनागर, चित्रा गोयल, महेंद्र भटनागर, राम कुमार गुप्ता, अजय गुप्ता, रेनू शर्मा, नरेंद्र भारद्वाज, प्रदीप चौहान, आशुतोष सिंह मौजूद रहे।