मिर्जापुर सादात ग्राम पंचायत के निवर्तमान प्रधान ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से साढ़े तीन लाख रुपये निकाल लिए। ग्रामीणों की शिकायत पर डीपीआरओ ने जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। डीपीआरओ के आदेश पर अब पंचायत सचिव ने निवर्तमान प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
खानपुर विकासखंड क्षेत्र के मिर्जापुर सादात गांव निवासी ओमवीर सिंह पिछली योजना में ग्राम प्रधान रहे हैं। पिछले दिनों धर्मूपुर के राजेंद्र और लालचंदवाला के बीर सिंह ने जिला प्रशासन को शिकायत भेजकर बताया था कि निवर्तमान प्रधान और सचिव ने वर्ष 2020 में स्वजल विभाग की योजना के तहत उनसे लेबर का काम कराने के साथ ही निर्माण सामग्री खरीदी थी, लेकिन वे इसका भुगतान नहीं कर रहे हैं। मामले में मुख्य विकास अधिकारी के निर्देश पर डीपीआरओ रमेश चंद्र त्रिपाठी ने जांच शुरू की। इसमें पता चला कि जिस मद की शिकायत हुई है, उसके 3.46 लाख रुपये प्रधान और पंचायत सचिव के हस्ताक्षर से बैंक से निकाले गए हैं।
इनमें चार और 29 जनवरी 2021 को 50-50 हजार, 26 मार्च को 1.44 लाख और 1.02 लाख रुपये आहरित हुए हैं। डीपीआरओ ने प्रधान और सचिव को नोटिस भेजकर जवाब मांगा। सचिव ने जवाब में बैंक अपने फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही जबकि प्रधान ने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में भी प्रधान को कई नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अब डीपीआरओ ने इसे गबन मानते हुए प्रधान के खिलाफ मुकदमा कराने के आदेश सचिव को दिए हैं। खानपुर एसओ अभिनव शर्मा ने बताया कि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी नीरज कुमार की तहरीर पर निवर्तमान प्रधान ओमबीर के खिलाफ गबन का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।