विद्युत वितरण मंडल में बकाया वसूली के लिए ऊर्जा निगम ने सख्ती तेज कर दी है। मंडल क्षेत्र में लगाए जा रहे वसूली कैंपों की हकीकत परखने के लिए अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने औचक निरीक्षण किया। उनके छापे से अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
ऊर्जा निगम की ओर से दावा किया जा रहा है कि एक ही दिन में करीब 40 वसूली कैंप लगाए जा रहे हैं। ये कैंप रुड़की, लंढौरा, मंगलौर और झबरेड़ा आदि क्षेत्रों में संचालित किए जा रहे हैं। यहां बकायेदार उपभोक्ताओं से बिल जमा कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं और उपस्थिति को लेकर कई खामियां भी सामने आईं।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता विवेक राजपूत ने कैंपों में मौजूद अधिकारियों से सीधे जवाब-तलब किया और वसूली की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि केवल कागजों में कैंप दिखाने के बजाय वास्तविक रूप से उपभोक्ताओं तक पहुंच बनाकर वसूली सुनिश्चित की जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
बताया कि ऊर्जा निगम को मार्च माह के लिए करीब 90 करोड़ रुपये की वसूली का लक्ष्य मिला है। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए विभाग ने अभियान तेज किया है। अधीक्षण अभियंता ने कहा कि लक्ष्य हर हाल में पूरा किया जाएगा और इसके लिए सभी अधिकारियों को पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि फर्जी रिपोर्टिंग या लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।