दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स की पहली रस्म झंडा कुशाई के साथ अदा की गई। बरेली शरीफ से पहुंचा झंडा सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी कुद्दुसी की सरपरस्ती में दरगाह साबिर पाक के बुलंद दरवाजे पर फहराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
हर साल की तरह इस बार भी बरेली शरीफ से झंडा कलियर शरीफ पहुंचा। स्थानीय अकीदतमंदों के साथ पंजाब, रामपुर, मुरादाबाद समेत विभिन्न स्थानों से पहुंचे जायरीन भी झंडा कुशाई की रस्म में शामिल हुए। झंडा पहुंचने पर साहिबजादा शाह यावर एजाज साबरी, शाह यासिर एजाज साबरी, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि सलीम अहमद समेत अन्य लोगों ने जत्थे का ढोल-नगाड़ों और फूल मालाओं से स्वागत किया।
झंडे की सरपरस्ती कर रहे सूफी वसीम साबरी ने बताया कि चार अगस्त को करीब 150 अकीदतमंदों का जत्था बरेली से इस बार कावंड़ यात्रा के मद्देनजर पैदल के बजाय वाहनों से रवाना हुआ था। करीब नौ दिन का सफर तय करने के बाद जत्था बृहस्पतिवार को कलियर शरीफ पहुंचा। इसके बाद सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी ने दरगाह साबिर के बुलंद दरवाजे पर फहराकर उर्स की पहली रस्म अदा की।
जत्थे में वसीम साबरी, कमाल साबरी, मेराज साबरी, काजी रिजवान, शाहिद रजा, गुड्डू साबरी समेत बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल रहे। साहिबजादा शाह यावर अली एजाज साबरी ने बताया कि सज्जादानशीन शाह अली एजाज साबरी की ओर से साबिर पाक के सालाना उर्स में हर साल झंडा फहराने की रस्म अदा की जाती है। चांद दिखाई देने के बाद मेहंदी डोरी की रस्म के साथ उर्स का विधिवत आगाज होगा। इस मौके पर शाह खालिक मियां, शाह सुहेल मियां, शाह असद साबरी, शाह गाजी नासिर मियां, सफीक साबरी, सूफी राशिद साबरी आदि मौजूद रहे।