आरटीओ का फिटनेस सेंटर पर छापा, चालक और संचालक भागे
दीवार पर नहीं मिली रेट लिस्ट, भारी अनियमितताओं की रिपोर्ट एआरटीओ देहरादून को भेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
रुड़की। बुधवार दोपहर 12:10 बजे सरकारी गाड़ियों में सवार अधिकारियों ने फिटनेस केंद्र पर धावा बोल दिया। टीम को देखकर वहां पर अफरातफरी मच गई। मौके पर अपने वाहनों को छोड़कर चालक व अन्य कर्मचारी भाग खड़े हुए। टीम ने आसपास मिले कुछ चालकों से पूछा तो पता चला कि यहां मनमाना शुल्क वसूला जा रहा है। रेट लिस्ट भी चस्पा नहीं है जिससे उन्हें पता चल पाए कि सरकारी शुल्क कितना है। टीम ने फिटनेट केंद्र के संचालकों को जमकर फटकारा है। अनियमितताओं की रिपोर्ट बनाकर एआरटीओ देहरादून को भेजी गई है।
लंढौरा में निजी फिटनेस परीक्षण केंद्र खुला है। वहां पर लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें अधिकारियों तक पहुंच रहीं थीं। शिकायत थी कि यहां पर मनमाने दाम वाहन चालकों से फिटनेस के लिए वसूले जा रहे हैं। रेट लिस्ट भी केंद्र पर चस्पा नहीं है जबकि वहां पर वाहन चालकों के लिए मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है।
शिकायतों के आधार पर बुधवार दोपहर 12 बजे के बाद आरटीओ की टीम वहां पहुंच गई। टीम को देखकर वहां पर हड़कंप मच गया और कई लोग वहां से फरार हो गए। करीब तीन घंटे तक टीम ने वहां पर वाहन चालकों और केंद्र संचालकों का इंतजार किया लेकिन कार्रवाई के डर से कोई भी अधिकारियों के सामने नहीं आया।
इसके बाद आरटीओ की टीम वहां से रवाना हो गई। करीब 20 मिनट बाद दोबारा से केंद्र पर छापा मारा गया। इस बीच मौके पर करीब 25 वाहन खड़े पाए गए। छापे में टीम को केंद्र पर रेट लिस्ट नहीं मिली। कुछ वाहन स्वामियों ने मनमानी रकम उनसे वसूलने की बात अधिकारियों से कही।
एआरटीओ (प्रशासन) एल्विन रॉक्सी ने बताया कि फिटनेट परीक्षण केंद्र में मिले वाहनों के नंबर नोट किए गए हैं। उन्होंने बताया कि यदि मौके पर मिले वाहनों को केंद्र से फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है तो विभाग की ओर से उसको अनफिट कर दिया जाएगा। केंद्र के संचालक को नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इस मौके पर संभागीय निरीक्षक अजय कुमार आर्य, अक्षय कुमार और कृष्ण कुंवर अंतीवाल आदि मौजूद रहे।
स्कूल वैन सीज
निरीक्षण के दौरान लंढौरा चौक के पास से एक स्कूल वैन टीम को जाती दिखी। वन में करीब आठ दिव्यांग बच्चों को असुरक्षित ढंग से घर पहुंचाया जा रहा था। जांच करने पर प्रदूषण, फिटनेस और जरूरी कागजातों की कमी चालक के पास मिली। इसके बाद स्कूल वैन को सीज कर बच्चों को अन्य वाहन से उनके घर भेजा गया।