कोरोना के डर से रुड़की का साप्ताहिक बुध बाजार भी खाली रहा। आलम यह रहा है कि जहां पहले हजारों की दुकानदारी होती थी वह बुधवार को सैकड़ों रुपये में आकर सिमट गई। इस कारण दुकानदारों में निराशा छाई रही। कोरोना के कारण रुड़की के सिविल लाइंस व मेन बाजार आदि पहले ही प्रभावित है।
देश में कोरोना वायरस के करीब 140 मरीज सामने आ चुके हैं। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से हरकत में है। वहीं लोगों को जनसमूह में एकत्र न होने की सलाह दी जा रही है। वहीं स्कूल, मॉल, पार्क आदि को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। कोरोना के बीच रुड़की के सिविल लाइंस, मेन बाजार, बीटी गंज पहले ही प्रभावित थे। अधिकतर दुकानदार खाली बैठे हैं। इसके साथ ही बुधवार को रुड़की में गंगनहर किनारे लगने वाले बुध बाजार भी विरान रहा। बुधवार को दुकानों के सजाने के बाद दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते रहे, लेकिन करीब दो बजे तक भी बुध बाजार में रौनक नहीं लौटी। इसके बाद दुकानदार समझ गए कि कोरोना के कारण लोग घरों से नहीं निकल रहे हैं। वहीं देर शाम तक कुछेक ग्राहक ही बाजार में पहुंचे। दुकानदार सलमान व सुलेमान का कहना था कि प्रत्येक बुधवार को लगने वाले बाजार में करीब तीन से चार हजार की दुकानदारी हो जाती थी, लेकिन इस बार मात्र चार से आठ सौ के बीच ही दुकानदारी सिमट गई है। ऐसे में दुकानदारों को दिनभर मायूसी छाई रही।