कांवड़ यात्रा के दौरान करीब 11 दिन तक प्रभावित रहा रुड़की रोडवेज का संचालन बुधवार को पटरी पर लौट आया। यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ ही रोडवेज की बसें पहले की तरह विभिन्न रूटों पर दौड़ने लगीं। बुधवार शाम छह बजे तक निगम की 25 और 13 अनुबंधित बसों का संचालन हो चुका था। इससे यात्रियों को भी काफी राहत मिली।
31 जुलाई से कांवड़ यात्रा ने रफ्तार पकड़ी थी। यात्रा के कारण रोडवेज का संचालन न्यूनतम 16 बसों तक सीमित हो गया था। इसका सीधा असर निगम की आय पर पड़ा। कई दिनों तक करीब ढाई लाख रुपये तक की ही आय हो पा रही थी जबकि निगम का दैनिक लक्ष्य 7.75 लाख रुपये निर्धारित है। चालक-परिचालकों की छुट्टियों और कांवड़ यात्रा के कारण भी कुछ दिनों तक बसों के पहिये थमे रहे।
बुधवार को खाटू श्याम, डाडापट्टी, दल्लावाला, कोटद्वार, देहरादून, ऋषिकेश, दिल्ली और पोंटा साहिब समेत विभिन्न लोकल और लंबी दूरी के रूटों पर बसें संचालित की गई। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा मिली। सहायक महाप्रबंधक अमिता सैनी का कहना है कि बुधवार को यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है जो हर्ष की बात है। बसों का संचालन भी अब पूर्व की तरह सामान्य हो गया है।