रुड़की रोडवेज बस स्टैंड पर वेंडरों ने एक परिचालक से मारपीट कर कैश छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपियों ने चालक और परिचालक से मारपीट की। भीड़ जमा होता देख आरोपी फरार हो गए। पीड़ित की ओर से पुलिस से शिकायत की गई है। पुलिस मामले में जांच कर रही है।
हरिद्वार बस डिपो की बस पर पिंटू पंचम चालक और देवेंद्र बिष्ट परिचालक हैं। मंगलवार सुबह दोनों बस लेकर चंडीगढ़ के लिए रवाना हुए थे। दोपहर करीब एक बजे बस रुड़की बस स्टैंड पर पहुंची तो सवारी नीचे उतरने लगी। इस बीच वेंडर जबरन बस में घुसने लगे। परिचालक ने वेंडरों को बस में चढ़ने मना कर दिया। आरोप है कि इस पर वेंडरों ने गाली गलौज कर दी। विरोध करने पर परिचालक से मारपीट की और कैश छीनने की कोशिश की। चालक ने बीच बचाव कराया तो उसके साथ भी मारपीट की। मौके पर जमा भीड़ ने भी वेंडरों को रोकने का प्रयास तो उनके साथ भी अभद्रता की। जानकारी मिलने पर रोडवेज के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो आरोपी वेंडर धमकी देकर फरार हो गए। पीड़ित ने पुलिस से मामले की शिकायत की है। उधर, एसएसआई प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी तक कोई तहरीर नहीं मिली है।
अवैध वेंडरों की चलती है गुंडागर्दी
रुड़की रोडवेज बस स्टैंड परिसर हो या बाहर, यहां पर अवैध वेंडरों की गुंडार्दी चलती है। यह वेंडर जबरन रोडवेज बसों में घुसकर अवैध तरीके से सामान बिक्री करते हैं। इतना ही नहीं कई बार तो यह कम रेट बताकर सामान यात्री को दे देते हैं और बाद में अधिक रुपये मांगते हैं। विरोध करने पर यात्रियों से गाली गलौज कर मारपीट पर उतर आते हैं। रोडवेज के अधिकारियों को अवैध वेंडरों की पूरी जानकारी है। बावजूद इसके वह कोई कार्रवाई नहीं करते हैं।
सामान बेचने की आड़ में काट लेते हैं जेब
रोडवेज बस स्टैंड पर अवैध वेंडरों का बोलबाला है। अवैध वेंडर सामान बेचने की आड़ में यात्रियों की जेब तक काट लेते हैं। इतना ही नहीं कई बार तो यात्रियों का सामान चोरी कर लेते हैं। पूर्व में कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। इसके अलावा यह वेंडर कहां के रहने वाले हैं, न ही पुलिस को पता है और न ही रोडवेज अधिकारियों को। इसके चलते इनकी मनमानी चल रही है।