इंजीनियरों के शहर रुड़की में पार्किंग स्थलों का अभाव है। अधिकांश जगह वाहन दुकानों के बाहर सड़कों पर पार्क हो रहे है। ऐसे में जाम लगना आम हो गया है। पिछले दस वर्षों में वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा होने के बावजूद पार्किंग स्थलों का चिह्नीकरण तक नहीं किया जा रहा है।
रुड़की शहर में आईआईटी, सीबीआरआई और सिंचाई अनुसंधान संस्थान जैसे नामचीन संस्थान होने से इसे इंजीनियरों का शहर भी माना जाता है। बावजूद इसके शहर की सड़क एवं यातायात व्यवस्था में इंजीनियरिंग का प्रयोग कहीं दिखाई नहीं देता। कुछ वर्षों में शहर की मुख्य सड़कों की चौड़ाई तो बढ़ाई गई लेकिन पार्किंग का कोई इंतजाम नहीं किया गया। इससे शहर की पॉश कालोनी सिविल लाइंस भी अछूती नहीं है। यहां दिन भर सड़कों पर बाइक और कारें खड़ी रहती हैं। इससे समय-समय पर दोनों ओर से जाम लगा रहता है। बीटी गंज बाजार संकरा होने से यहां स्थिति और भी बदतर है। यहां भी पार्किंग की कोई सुविधा नहीं है। बीटी गंज में सुभाष चंद्र बोस चौक के पास कुछ जगह खाली है, लेकिन वहां भी फड़ दुकानदारों के सामान बेचने से वाहन पार्क करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। नेहरू स्टेडियम से लेकर बीएसएम तिराहे तक, मकतूलपुरी, पुरानी तहसील, आजादनगर सहित तमाम जगहों पर पार्किंग की सुविधा नाममत्र को भी नहीं है। वहीं जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी इस दिशा में कोई कदम उठाने को तैयार नहीं है।
पीली पट्टी खींचने की योजना भी अधर में
शहर की सड़कों पर बेतरतीब खड़े वाहनों पर लगाम लगाने के लिए दो साल पहले पुलिस प्रशासन ने सड़क के दौरान पीली पट्टी खींचने की योजना बनाई थी। सड़क के किनारे निर्धारित दूरी पर खींची गई पट्टी से बाहर खड़े होने वाले वाहनों का चालान काटा जाना था। इससे माना जा रहा था कि काफी हद तक जाम की समस्या से निजात मिलेगी, लेकिन इस योजना पर भी काम नहीं हो सका।
फुटपाथ है पर वो भी बेमानी
शहर में पैदल चलने वालों के लिए जोखिम बना हुआ है। शहर के ज्यादातर हिस्सों में फुटपाथ नहीं है। शहर में पुराने पुल से बोट क्लब की ओर करीब तीन सौ मीटर तथा बोट क्लब से रुड़की टाकीज रोड की ओर सड़क किनारे फुटपाथ बनाए गए हैं। इन फुटपाथ के बीच में जगह-जगह बिजली के पोल और पेड़ खड़े होने से ये फुटपाथ चलने के लायक नहीं है। कुछ जगह तो बाइक मैकेनिक और फुटकर दुकानदारों ने फड़ लगा लिए हैं।
पार्किंग स्थल के बाहर भी जाम!
सिविल लाइंस चंद्रशेखर चौक से नए पुल के बीच गंगनहर किनारे दो पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। यहां भी वाहन पार्क नहीं होते। उल्टे इस पार्किंग स्थल के बाहर सड़क पर बाइक मिस्त्रियों का कब्जा हो गया है। इसके चलते पार्किंग स्थल के बाहर ही हर जगह जाम लगा रहता है।
यहां होनी चाहिए पार्किंग की सुविधा
- बीटी गंज बाजार
- रुड़की टाकीज के समीप
- बीएसएम तिराहे के समीप
- चंद्रपुरी स्टैंड के समीप
- नेहरू स्टेडियम के समीप
- आर्य कन्या इंटर कालेज के समीप
- मलकपुर चुंगी के समीप
- मकतूलपुरी बाजार
- रामनगर चौराहे के समीप
- आजादनगर चौराहे के समीप
- रामपुर चुंगी के समीप