दो लोगों ने मंगलौर के लिए ई-रिक्शा तय कर चालक को नशा सुंघाकर ईं-रिक्शा लूट ली। इसके बाद दोनों बदमाश चालक को नशे की हालत में लिब्बरहेड़ी गांव के पास जंगल में फेंककर फरार हो गए। चालक होश में आया तो वह किसी तरह घर पहुंचा और जानकारी परिजनों को दी। पीड़ित ने सिविल लाइंस कोतवाली और मंगलौर कोतवाली पहुंचकर मामले की शिकायत की। मगर दोनों ही कोतवाली पुलिस सीमा विवाद में उलझ रही है। पांच दिन से पीड़ित पुलिस के चक्कर काट रहा है, लेकिन पुलिस उसकी कोई सुनवाई नहीं कर रही है।
गंगनहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पाडली गुर्जर निवासी जीशान ई-रिक्शा चलाता है। पांच दिन पूर्व देर शाम वह रोडवेज बस स्टैंड पर सवारी का इंतजार कर रहा था। इस बीच उसके पास दो लोग पहुंचे। दोनों लोगों ने मंगलौर जाने के लिए ई-रिक्शा तय की। इसके बाद जीशान दोनों को रिक्शा में बैठाकर मंगलौर के लिए चल दिया। इस बीच रास्ते में दोनों ने उसे नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इसके बाद दोनों लोग जीशान को लिब्बरहेड़ी गांव के पास जंगल में फेंककर फरार हो गए। जीशान को होश आया तो उसने खुद को जंगल में देखा। इसके बाद वह किसी तरह अपने घर पहुंचा और मामले की जानकारी परिजनों को दी। परिजनों ने मंगलौर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को जानकारी दी। मंगलौर पुलिस ने दोनों लोगों को रोडवेज बस स्टैंड से बैठाने की जानकारी मिलने पर मामला सिविल लाइंस कोतवाली का बताकर वहां भेजा। पीड़ित ने सिविल लाइंस कोतवाली पहुंचकर मामले की जानकारी दी, लेकिन घटना क्षेत्र मंगलौर क्षेत्र का होने पर पुलिस ने मंगलौर के लिए भेज दिया। इसके बाद मामला सीमा विवाद में उलझकर रहा गया। पीड़ित जीशान और उसके परिजन अपनी शिकायत दर्ज करवाने के लिए पिछले पांच दिन से दोनों कोतवाली के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन पुलिस पीड़ित की सुनने को तैयार नहीं है। एसपी देहात नवनीत सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो पुलिस को मामले में जांच कर केस दर्ज करने के निर्देश दिए जाएंगे।