पुरानी तहसील स्थित ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ में पितृ पक्ष के अवसर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं ने कथा व्यास आचार्य रमेश सेमवाल महाराज के श्रीमुख से कथा का श्रवण किया। कथा के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा।
आचार्य रमेश सेमवाल ने कहा कि पितृ पक्ष पूर्वजों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और स्मरण का पर्व है। माता-पिता की सेवा और उनका आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आधुनिक जीवन की व्यस्तता के बीच संस्कारों और पारिवारिक मूल्यों को बनाए रखने का आह्वान किया। कहा कि पूर्वजों का स्मरण केवल पितृ पक्ष तक सीमित न रहकर पूरे जीवन किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को भक्ति, सदाचार, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। पितृ पक्ष में कथा श्रवण, दान-पुण्य, गौसेवा और जरूरतमंदों की सेवा को विशेष महत्व दिया गया है। कथा में राधा भटनागर, चित्रा गोयल, सुलक्षणा सेमवाल, भारतीय गुप्ता, परीक्षा सीमा वर्मा, रितु वर्मा, कमलेश और सचिन गुप्ता समेत श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा 28 सितंबर से चार अक्तूबर तक आयोजित की जा रही है।