मंगलौर गन्ना समिति लिब्बरहेड़ी में योजनाओं का लोकार्पण करते कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीस्वरानंद
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कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने कहा कि नारसन ब्लॉक के किसान दूसरे किसानों की अपेक्षा जागरूक हैं। वह अपने अधिकारों को कैसे लिया जाता है, इस बात को सही तरह से जानते हैं। वह खुद भी किसान हैं और जानते हैं कि खेती कितनी मेहनत से की जाती है।
बुधवार को कैबिनेट मंत्री स्वामी यतीश्वरानंद ने लिब्बरहेड़ी सहकारी गन्ना विकास समिति में पहुंचकर कई योजनाओं का लोकार्पण किया। उन्होंने हरजौली जट्ट में 100 मीट्रिक टन के उर्वरक बिक्री केंद्र और कृषक सूचना तंत्र मशीन का लोकार्पण व समिति की वेबसाइट का शुभारंभ किया। साथ ही किसानों को पहचान पत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि लिब्बरहेड़ी गन्ना समिति प्रदेश की अन्य समितियों के लिए मिसाल है। किसान भी टेक्नोलॉजी से अछूते न रहें, इसे देखते हुए कई योजनाओं का लोकार्पण किया गया है। सरकार ने पहली बार 40 साल में सबसे ज्यादा गन्ने का रेट दिया है और सप्ताह में दो दिन गन्ना आयुक्त के हरिद्वार में बैठने की व्यवस्था की है। पहले देहरादून व हरिद्वार के किसानों को गन्ना आयुक्त से मिलने के लिए काशीपुर जाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि समय पर गन्ना किसानों का सेंटर से गन्ना नहीं उठाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। 14 दिन के अंदर गन्ना किसानों का भुगतान भी चीनी मिलों को करना होगा। यदि मिल मालिक भुगतान में देरी करेंगे तो सरकार उनकी आरसी कटवाने का काम करेगी।
झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के किसानों का हित ध्यान में रखते हुए सबसे अधिक गन्ना मूल्य बढ़ाया है। मंत्री यतीश्वरानंद के हाथ में गन्ना विभाग की बागडोर आने के बाद समय से किसानों को भुगतान भी होने लगा है। गन्ना समिति के अध्यक्ष प्रतिनिधि सुशील राठी ने कहा कि गन्ना समिति में जो सुविधाएं क्षेत्रीय किसानों को उपलब्ध कराई जा रही हैं, वह उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में किसी समिति की ओर से उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इस अवसर दौरान सहायक गन्ना आयुक्त शैलेंद्र सिंह, गन्ना निरीक्षक आशीष नेगी, समिति अध्यक्ष रेनू रानी, संचालक प्रेम सिंह, अनिल कुमार, ओमपाल, मंडी समिति अध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, ऋषिपाल बालियान, सचिन गुर्जर आदि मौजूद थे।