पहाड़ों पर हुई बारिश के असर से नदियों में पानी की कमी की पूर्ति हो गई है। गंगनहर का जल स्तर भी अपनी पूरी क्षमता 13000 क्यूसेक तक पहुंच गया है। हालांकि अभी यूपी में पानी की जरूरत को जरूरत को देखते हुए सर्की रजवाहे में पानी नहीं छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें बरकरार हैं।
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से रुड़की की गंगनहर का जलस्तर 8000 से 13000 क्यूसेक के बीच चल रहा था। अधिकारियों के अनुसार पहाड़ों की नदियों में करीब 20 प्रतिशत पानी की कमी है और इसका असर गंगनहर के स्तर पर भी पड़ रहा है। यही नहीं पानी की कमी के कारण पिछले हफ्ते रात 12 बजे यूपी और रुड़की तहसील के करीब 60 गांवों के किसानों की भूमि को सिंचित करने के लिए बनाए गए सर्की रजवाहे को भी बंद कर दिया गया था। इससे सिंचाई का संकट गहरा गया है। साथ ही यूपी में पानी की सप्लाई भी प्रभावित हो रही थी। बीती रात पहाड़ों पर हुई बारिश से स्थिति में काफी सुधार हुआ है। एनडीजीसी के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि फिलहाल गंगनहर में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ा गया है।