रुड़की। लगभग एक सप्ताह से कांवड़ पटरी पर चल रही यात्रा एक बार फिर बेपटरी हो गई है। सोमवार को पटरी के साथ-साथ हाईवे पर भी कांवड़ियों का रैला लगा रहा। शिवभक्तों की भीड़ के आगे पुलिस प्रशासन भी बेबस और लाचार नजर आया। शहर में हाईवे पर दिनभर रुक-रुक जाम लगता रहा। जिसके चलते कांवड़ियों के साथ-साथ आमजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कांवड़ यात्रा से पहले ही पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल संजय गुंज्याल की ओर से हरिद्वार में अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसके बाद पत्रकारवार्ता में हाईवे से कांवड़ नहीं चलने देने की हिदायत भी दी गई थी। उन्होंने दावा किया था कि इस बार कांवड़ पटरी से ही यात्रा चलाई जाएगी, लेकिन पिछले वर्षों की तरह एक बार फिर पुलिस के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। इसका खामियाजा कांवड़ियों के साथ-साथ शहरवासियों और राहगीरों को भी भुगतना पड़ रहा है। सोमवार को एक ओर जहां पटरी पर बम-बम के जयकारे लगते रहे, वहीं दूसरी ओर हाईवे पर भी इनका रैला लगा रहा। इसकी वजह से हाईवे पर जगह-जगह, रह-रह कर जाम लगता रहा। हरिद्वार हाईवे पर सोलानी पुल के पास, रोडवेज बस अड्डे के पास और बीईजी तिराहे पर लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं शहर में भी लोगों को जाम की समस्या से दो चार होना पड़ा। शहर के गंगनहर में बने नए और पुराने पर भी जाम से लोग परेशान होते रहे। पुलिस प्रशासन की ओर से शिवभक्तों को हाईवे से हटाकर पटरी पर दुबारा लाने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारी बेबस नजर आए। इस संबंध में पुलिस क्षेत्राधिकारी रुड़की स्वप्न किशोर सिंह का कहना है कि कांवड़ियों को पटरी पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बड़ी कांवड़ों को हाईवे से ले जाने के लिए पुलिस की ओर से ढिलाई दी गई है। कारण कि पटरी पर कई जगह मार्ग संकरा है।
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बम-बम के जयकारे से गूंजी शिक्षानगरी
रुड़की। कांवड़ पटरी से लेकर हाईवे तक बम-बम के नारे से शिक्षानगरी गूंज रही है। भोले के जलाभिषेक को तरह-तरह की कांवड़ सजाकर भक्त जयकारे लगा रहे हैं। वहीं कांवड़ियों के स्वागत में जगह-जगह शिविर लगाए गए हैं, जहां भंडारे के साथ-साथ दवाएं आदि वितरित की जा रही हैं। पटरी और हाईवे पर सोमवार को एक से बढ़कर एक कांवड़ लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। इसमें मेरठ, दिल्ली, हरियाणा, यूपी सहित अन्य राज्यों की कांवड़ शामिल थी। कांवड़ों में सोमनाथ मंदिर सहित भगवान शिव के विभिन्न रूप सजाए गए थे। त्रिशूल से सजी कांवड़ भी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। इसके अलावा मोरपंख और तिरंगे से सजी कांवड़ ने भी लोगों को आकर्षित किया। सुबह से देर शाम तक कांवड़ पटरी और हाईवे पर रंग बिरंगी कांवड़ों के कांवड़ियों के जयकारे गूंजते रहे।