नोटबंदी से खाद, बीज और कीटनाशक की गुणवत्ता और कालाबाजारी की आशंका पर प्रशासन सतर्क हो गया है। मंगलवार को प्रशासन ने जिले की चारों तहसीलों में चार टीम गठित कर 32 दुकानों और गोदामों पर ताबड़तोड़ छापे मारकर 71 सैंपल भरे। सभी सैंपल जांच पड़ताल के लिए रुद्रपुर, चंडीगढ़ और देहरादून स्थित प्रयोगशालाओं में भेजे जाएंगे। अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर दी है जिस भी दुकान का सैंपल फेल पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
मंगलवार को जिलाधिकारी हरबंस सिंह चुघ के निर्देश पर रुड़की तहसील में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयूर दीक्षित, भगवानपुर तहसील में एसडीएम अनिल सिंह गर्ब्याल, लक्सर तहसील में एसडीएम कौस्तुभ मिश्रा और हरिद्वार तहसील में एसडीएम मनीष कुमार सिंह के नेतृत्व में कृषि अधिकारियों की चार टीमें गठित की गई। उसके बाद टीमों ने अपनी-अपनी तहसीलों में बीज, खाद और कीटनाशक की दुकानों एवं गोदामों में छापेमारी अभियान चलाया। जैसे ही इसकी भनक अन्य दुकानदारों को लगी तो कई शटर डाउन कर फरार हो गए। फिर भी टीमों ने 300 में से 32 दुकानों और गोदामों से डीएपी, एनपीके, जिंक, यूरिया, सल्फर, सिंगल सुपर फास्फेट, पोटाश आदि के 28 नमूने लिए। गेहूं के बीज के 31 और कीटनाशक दवाओं के 12 सैंपल भरे गए। मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी ने बताया कि यदि कोई सैंपल जांच में फेल पाया जाता है तो संबंधित दुकानदार और गोदाम मालिक के खिलाफ कार्रवाई होना तय है।
किस तहसील से कितने सैंपल लिए
रुड़की तहसील क्षेत्र के गणेशपुर स्थित गन्ना विकास समिति के गोदाम, ब्लॉक मुख्यालय स्थित उद्यान केंद्र के गोदाम, झबरेड़ा, नन्हेड़ा, मंगलौर से 11 सैंपल भरे गए। भगवानपुर तहसील क्षेत्र से डाडाजलालपुर, खेड़ी शिकोहपुर, बुग्गावाला, तेलपुरा, भगवानपुर, अलावलपुर गांव से 11 नमूने लिए गए। लक्सर तहसील क्षेत्र से लक्सर कस्बा, सुल्तानपुर आदि से पांच नमूने लिए गए। जबकि हरिद्वार तहसील क्षेत्र के बहादराबाद एवं ज्वालापुर क्षेत्र की नौ दुकानों से सैंपल भरे गए।
नोटबंदी से 50 फीसदी दुकानदारी ठप
मुख्य कृषि अधिकारी जेपी तिवारी ने बताया कि छापेमारी के दौरान यह भी पता लगाना था कि नोटबंदी के बाद बीज, खाद एवं कीटनाशकों की नगद बिक्री पर क्या असर पड़ रहा है। पूछताछ में दुकानदारों ने बताया कि नगद बिक्री करीब 50 प्रतिशत घट गई है। यह असर एक हजार एवं पांच सौ रुपये की नोटबंदी के कारण देखने को मिल रही है। तिवारी ने बताया कि रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।
नहीं मिले आदेश
केंद्र सरकार ने बड़े पुराने नोट से बीज लेने का एलान तो कर दिया है लेकिन, अभी तक जिले में इसके आदेश नहीं पहुंचे हैं। जिसके कारण किसानों को अभी तक राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। जिला सहायक निबंधक सुभाषचंद्र गहतोड़ी ने बताया कि अभी तक इस संबंध में कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलते ही किसानों को इसका लाभ दिया जाएगा।