सुल्तानपुर। मुख्यमंत्री के भिक्कमपुर जीतपुर गांव में विद्युत सब स्टेशन बनाए जाने की घोषणा करने के बाद से ही क्षेत्र की बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। इससे क्षेत्र के करीब दो दर्जन से अधिक गांवों के हजारों ग्रामीणों को करीब छह घंटे की बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे।
तीन दिन से सुल्तानपुर क्षेत्र में दिन के समय चार-पांच घंटे अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। इससे सुल्तानपुर क्षेत्र के फतवा, अलावलपुर, भिक्कमपुर-जीतपुर, रामपुर रायघटी, कबूलपुरी, खानपुर-ब्रह्मपुर, निरंजनपुर, कंकरखाता, सुल्तानपुर, टिक्कमपुर, मोहम्मदपुर कुन्हारी, निहेंदपुर सुठारी, इस्माइलपुर, पुरवाला और जवाहर खान ऊर्फ झीवरहेड़ी आदि करीब दो दर्जन गांवों के हजारों ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। निवर्तमान ग्राम प्रधान फतवा अनिल कुमार सैनी अमरजीत सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, रकम सिंह, ओमपाल सिंह, उमेश कुमार, मदन कुमार, मनोज कुमार, अतर सिंह, सौरव कुमार आदि ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में काफी समय से बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हो पा रही है। इसके चलते ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक संजय गुप्ता के माध्यम से मुख्यमंत्री से समस्या का समाधान कराए जाने की मांग की थी। रविवार को सुल्तानपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भिक्कमपुर जीतपुर गांव में 132 केवी का विद्युत सब स्टेशन बनाए जाने की घोषणा की थी। ग्रामीणों का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सब स्टेशन बनाए जाने की घोषणा के बाद विद्युत व्यवस्था और भी चरमरा गई है। दिन के समय पांच से छह घंटे अघोषित विद्युत कटौती की जा रही है। ऊर्जा निगम के जेई दिनेश नेगी का कहना है कि रोस्टिंग के चलते विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
12 घंटे की बिजली कटौती से लोग बेहाल
मंगलौर। क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती उपभोक्ताओं के पसीने निकाल रही है। आए दिन लोगों को कटौती की मार से जूझना पड़ रहा है। विभाग की कोशिशों के बाद भी सुधार नहीं दिख रहा है, जिस कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मंगलौर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से क्षेत्रवासी परेशान हैं। करीब एक सप्ताह से मंगलौर कस्बे व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में 10 से 12 घंटे से भी अधिक की बिजली कटौती की जा रही है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बिजली के साथ ही पेयजल की दोहरी समस्या से जूझना पड़ रहा है। मंगलौर में एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। विद्युत कटौती के कारण उद्योग धंधों पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। ऊर्जा निगम के अवर अभियंता सौरभ सिंह भाटी ने बताया कि लाइनों पर कार्य चल रहा है, जबकि कुछ अन्य समस्याएं भी ऊर्जा निगम के सामने हैं, जिस कारण विद्युत कटौती की जा रही है। जल्द ही स्थिति को सामान्य कर उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जाएगी। संवाद
बिजली बाधित होेन से ग्रामीण परेशान
भगवानपुर। क्षेत्र के गांवों में प्रतिदिन चार से पांच घंटे की बिजली कटौती होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है। भगवानपुर क्षेत्र के ग्रामीण रजनीश कुमार, मनीष कुमार, राजेश कुमार, राकेश कुमार, मनोज, महेंद्र सिंह, राजेंद्र कुमार आदि ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को शिकायत कर बताया कि भगवानपुर क्षेत्र के ग्राम रायपुर, सिकंदरपुर, मंडावर, सिसोना, लव्वा, गीशहिदपुर आदि गांवों में 15 दिन से प्रतिदिन सुबह आठ बजे से लगभग दोपहर दो बजे तक बिजली कटौती की जा रही है। इस कारण ग्रामीणों के घरों और खेतों में लगे ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे हैं। घरों में भी लगी पानी की मोटर नहीं चलने के कारण पानी की समस्या हो रही है। दूसरी ओर ऊर्जा निगम के जई आशीष कुमार का कहना है कि बिजली की कटौती देहरादून से की जा रही है। इसकी सूचना ऊर्जा निगम के उच्चधिकारियों को भी दी गई है। संवाद