पूरी तरह जल चुकी सफेद रंग की टाटा सफारी कार में मिले अवशेष डाक्टर अनिल कुमार तोमर के ही थे इस हकीकत से पर्दा उठाने के लिए बहादाबाद पुलिस ने उनके माता पिता का ब्लड सैंपल डीएनए जांच के लिए देहरादून विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजे हैं।
गंगनहर पटरी पर मिली जली हुई कार से डाक्टर अनिल तोमर के अवशेष बरामद होने की गुत्थी अभी उलझी ही हुई है। कई सवालों से स्थानीय पुलिस जूझ रही है। हाथ की हड्डी में मिले कडे़ के आधार पर छोटे भाई अरुण ने पहचान अपने भाई अनिल तोमर के रुप में की थी। पर, पुलिस पहले यही साबित करना चाहती है कि अवशेष डाक्टर के ही थे। इसलिए उसके माता पिता के ब्लड सैंपल बुधवार को लिए गए थे। देहरादून की विधि विज्ञान प्रयोगशाला में लिए गए ब्लड सैंपल एवं अवशेष की हड्डी के सैंपल का डीएनए मिलाना कराया जाएगा। बृहस्पतिवार को एक विशेष डाक वाहन सैंपल लेकर रवाना हो गया। अब पुलिस की निगाह डीएनए रिपोर्ट पर भी लगी हुई है।
कहां रहे तीन घंटे
हरिद्वार। डॉक्टर अनिल तोमर के मोबाइल फोन से भी कोई महत्वपूर्ण क्लू नहीं मिल पाया है। यही बात पुलिस को परेशान किए हुए है कि वे तीन घंटे से अधिक वक्त तक कहां रहे। यदि वे चार बजे चंडीचौक पर थे तो फिर सीधे घर क्यों नहीं गए। वे कहां रहे। किसके साथ रहे।
नहीं आई कोई रंजिश सामने
हरिद्वार। डाक्टर की कोई रंजिश भी सामने नहीं आई है। पुलिस हर पहलू पर अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। पर, कोई सही दिशा अभी तक नहीं मिल पाई है। परिजन से भी अभी सही ढंग से पूछताछ नहीं हो पाई है क्योंकि, बुधवार को लंढौरा में हुए बवाल के बाद जिले भर की पुलिस का ध्यान उसी तरह लग गया था।