पुलिस खनन माफिया को लाठी फटकार कर खदेड़ते हुए
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शनिवार की कार्रवाई के बाद यूपी के खनन माफिया को एक बार फिर से मुंह की खानी पड़ी। हुआ यूं कि यूपी के खनन माफिया ने दुस्साहस दिखाते हुए एक बार फिर गंग नहर से जेसीबी के जरिए रेत का दोहन करना शुरू किया, लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अवैध खनन में जुटे लोगों पर लाठीचार्ज कर दिया। पुलिस की कार्रवाई से अवैध खनन में जुटे लोग जंगलों के रास्ते भाग खड़े हुए। बाद में पुलिस प्रशासन ने अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए पीएसी तैनात कर दी।
दशहरा पर बंद की गई गंगनहर से खनन माफिया बड़े पैमाने पर खनन करवा रहा है। माफिया की ओर से आसफनगर झाल से खनिज सामग्री की चोरी कर चांदी काटी जा रही है। नारसन बॉर्डर पर सकौती घाट पर खनन करने के लिए यूपी का खनन माफिया गंगनहर को ही खोदने लगा था जिस पर शनिवार की दोपहर में पुलिस ने अवैध खनन कार्य में जुटे लोगों को दौड़ा दिया था, लेकिन रात होते ही खनन माफिया फिर से सक्रिय हो गया और पुलिस कार्रवाई को धता बताते हुए जेसीबी लेकर बंद गंगनहर को खोदने के लिए उतर गया। दर्जनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत-बजरी निकालकर यूपी की सीमा में ठिकाने लगाने लगा, लेकिन ग्रामीणों ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी जिस पर मंगलौर कोतवाल भान सिंह एवं चौकी प्रभारी मंसूर अली भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तो खनन में जुटे लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस बल ने गंगनहर को खोद रहे लोगों को बाहर निकालने के लिए लाठी भांजनी शुरू कर दी। पुलिस की कार्रवाई के आगे खनन माफिया अपने वाहनों को लेकर जंगल की ओर भाग खड़ा हुआ। हडबड़ाहट में एक चालक अपना ट्रैक्टर मौके पर ही छोड़ भाग गया। पुलिस ने ट्रैक्टर को लावारिस में दाखिल कर दिया, लेकिन पुलिस के जाते ही फिर से अवैध खनन शुरू हो गया। खनन की चोरी को रोकने के लिए पीएसी का पहरा लगा दिया गया है। पीएससी की एक टुकड़ी रात-दिन के लिए घाट पर तैनात कर दी गई।
किसानों की फसल तक रौंद दी
नारसन सकौती घाट पर अवैध खनन में जुटे लोगों ने किसानों की फसलों को ही रौंद डाला। अवैध खनन को रेाकने के लिए जैसे ही पुलिस घाट पर पहुंची तो खनन माफिया अपने ट्रैक्टरों को लेकर गन्ने के खेतों में घुस गये जिससे किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ जिससे किसानों में रोष बना हुआ है। किसानों ने अवैध खनन को रोकने की मंाग की है।