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घरों में गंदा पानी आने पर लोगों में उबाल

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रुड़की। पश्चिमी अंबर, पुरानी तहसील, सती मोहल्ला, जादूगर रोड के पार्षदों ने लोगों के साथ गंदे पानी की आपूर्ति, लो प्रेशर और कम समय में ही पानी बंद होने का आरोप लगाते हुए जल संस्थान कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं अधिकारियों को कार्यालय से बाहर निकालकर बाहर से कुंडा लगा दिया। बाद में एई के आश्वासन पर मामला शांत हो सका।
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बुधवार को पश्चिमी अंबर तालाब के पार्षद चारु चंद्र, पुरानी तहसील के पार्षद नितिन त्यागी, सती मोहल्ला के पार्षद आशीष अग्रवाल, जादूगर रोड के पार्षद विरेंद्र गुप्ता ने दोपहर साढ़े 12 बजे स्थानीय निवासियों के साथ जल संस्थान के एई कार्यालय में पहुंचकर नारेबाजी शुरू कर दी। पार्षदों का कहना था कि उनके क्षेत्र के कई हिस्सों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। घरों में पीला पानी पहुंच रहा है। हर दिन सुबह शाम एक-एक घंटे पेयजल आपूर्ति हो रही है। लो प्रेशर के कारण टैंक भी नहीं भर पाता। कहा, दो साल से पड़ाव में एक ट्यूबवेल खराब पड़ा हुआ है, जिसे ठीक करवाने की अधिकारी जहमत नहीं उठा रहे हैं। अधिकारियों की हीलाहवाली से जनता परेशान हो रही है। इसके बाद गुस्साए पार्षदों और लोगों ने नारेबाजी करते हुए एई राजेश निर्वाल को कार्यालय से बाहर निकालकर आफिस पर कुंडा लगा दिया। इसके बाद लोगों ने जलसंस्थान के अन्य कमरों से भी कर्मचारियों को बाहर निकालकर वहां कुंडा लगा दिया। लोगों की बढ़ी भीड़ से कार्यालय में अफरा तफरी जैसा माहौल हो गया। इस दौरान पार्षदों की दोनों अपर सहायक अभियंताओं हिमांशु त्यागी और जुनेद गौड़ से भी काफी बहस हुई। उसके बाद पार्षदों ने दोबारा लोगों के साथ एई राजेश निर्वाल से वार्ता की। एई ने पार्षदों को एक सप्ताह में उनकी समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद मामला शांत हो सका। हंगामा करने वालों में विवेक धीमान, मोनी, वीरेंद्र मौर्य, मनमोहन, राशिद, वीरेंद्र, हैप्पी, काका, महिपाल सिंह, फुरकान अहमद, जीशान, राजेश वर्मा, नितिश शर्मा, संजय कुमार, बबलू, फहरीन, तशलीम आदि शामिल रहे।
टैंक तो बनाया, नहीं लगाया नया ट्यूबवेल
2011 में एडीबी (एशियन डेवलपमेंट बैंक) ने शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए सर्वे किया था। सर्वे के बाद 2015 में शहर में आठ नए ट्यूबवेल और पांच नए ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। बताया जा रहा है कि जल संस्थान के तत्कालीन एई और अधिशासी अभियंता ने पड़ाव में नया ट्यूबवेल लगवाने का सर्वे नहीं करवाया। केवल यहां पर ओवरहेड टैंक बनवाया गया। वहां पर लगे दो ट्यूबवेल कम हॉर्स पावर के थे, जिनमें एक दो साल पहले एक ट्यूबवेल बंद हो चुका है। अब एक ट्यूबवेल से ही पड़ाव में पानी भरता है। उससे टैंक पूरा नहीं भर पाता होगा। इससे पेयजल आपूर्ति में समस्या आ रही है।
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एक ही ठेकेदार से काम कराने का लगाया आरोप
पार्षदों का कहना था कि जल संस्थान के पास एक ही ठेकेदार है जो कि पानी का लीकेज ठीक करता है। मोटर फुंक जाने पर मोटर की मरम्मत भी वही ठेकेदार करता है। ठेकेदार के पास गिनी चुनी लेबर होने के चलते शहर में लीकेज ठीक नहीं हो पा रहे हैं।
पड़ाव में एक ट्यूबवेल खराब हो रखा है। एक ट्यूबवेल से ही पश्चिमी अंबर तालाब आदि क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति हो रही है। इसलिए दो-दो घंटे पेयजल आपूर्ति की जा रही है। ट्यूबवेल ठीक करने के लिए ईई से बातचीत की जाएगी। पार्षदों को एक सप्ताह का टाइम दिया गया है।
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- राजेश निर्वाल, जलकल अभियंता जल संस्थान रुड़की
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