रुड़की नगर निगम में कई मामले लंबित पड़े हैं जिनमें कार्रवाई का इंतजार है और स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इन मामलों के कारणों का भी खुलासा नहीं हुआ है। इनमें संपत्ति नामांतरण के रजिस्टर में आपत्ति के बावजूद नाम दर्ज करना, बिना अनुमति सरकारी स्कूल को गोदाम बनाकर किराये पर देना एवं पेड़ कटान आदि के मामले शामिल हैं।
रामनगर स्थित संपत्ति संख्या 988/2 के नामांतरण मामले में नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल की ओर से जारी नोटिस में प्रक्रिया की अनदेखी का उल्लेख किया गया था। नोटिस के अनुसार, रमन आहुजा ने 15 जून 2016 को विक्रय पत्र के माध्यम से 3280 वर्ग फीट भूमि खरीदी थी।
नामांतरण पत्रावली पर आपत्ति आने के बाद इसे 17 जून 2024 को नगर आयुक्त के समक्ष भेजा गया। आरोप है कि मामले को सक्षम स्तर पर सुनवाई के लिए भेजने के बजाय लंबित रखा गया। इसके बाद 10 सितंबर 2026 को जानकारी सामने आई कि नामांतरण आदेश को कर निर्धारण पंजिका वर्ष 2025-29 में दर्ज कर दिया गया है जबकि मामला हाईकोर्ट और नगर आयुक्त स्तर पर लंबित था। प्रकरण में सात अधिकारियों-कर्मचारियों समेत कर अनुभाग से जुड़े कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। जांच कमेटी गठित होने के करीब डेढ़ माह बाद भी मामले में कार्रवाई की स्थिति सामने नहीं आई है।
सील टूटने के बाद भी कार्रवाई का इंतजार
गांधी वाटिका स्थित नगर निगम के बंद स्कूल के पांच कमरों में टेंट का सामान रखे जाने पर करीब एक माह पहले सील लगाई गई थी। आरोप है कि दो दिन पहले सील तोड़कर कुछ सामान निकाल लिया गया। सूत्रों के अनुसार, भवन के इस्तेमाल के बदले करीब 90 हजार रुपये प्रतिमाह किराया वसूले जाने की बात भी सामने आई है जबकि निगम को राजस्व मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसके अलावा गांधी वाटिका में बिना अनुमति पेड़ काटने और निगम परिसर की तुलसी वाटिका में यूकेलिप्टस का पेड़ काटे जाने के मामलों में भी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
संपत्ति नामांतरण रजिस्टर में नाम दर्ज किए जाने के मामले में जांच कमेटी का गठन किया गया है। अब तक जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इसका संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, स्कूल में रखे गए सामान को खाली कराकर संबंधित के खिलाफ जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं। किसी भी मामले में आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा। - गोपाल राम बिनवाल, नगर आयुक्त