किडनी के मरीजों को अब कल से डायलिसिस के लिए दूसरे शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। लंबी प्रक्रिया और इंतजार के बाद सिविल अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा शुरू होने जा रही है।
वर्तमान में सिविल अस्पताल के साथ ही पूरे जिले में डायलिसिस यूनिट नहीं है। ऐसे में किडनी रोगों के मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। मजबूरी में मरीजों को देहरादून या मेरठ जाना पड़ता है। हालांकि कुछ साल पहले हरिद्वार के महिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट शुरू की गई थी लेकिन कोरोना के दौरान डायलिसिस यूनिट बंद कर दी गई थी। इसके बाद से पूरे जिले में ये सुविधा नहीं थी। मरीजों की दिक्कत को देखते हुए सिविल अस्पताल प्रबंधन ने डायलिसिस यूनिट लगवाने के लिए प्रयास किए। आखिरकार अस्पताल के प्रयास कामयाब हुए और अस्पताल में डायलिसिस यूनिट लग गई। सीएमएस डॉ. संजय कंसल ने बताया कि हंस फाउंडेशन की ओर से डायलिसिस यूनिट लगाई गई है। चार मार्च को अस्पताल में यूनिट शुरू हो रही है। इसके बाद मरीजों को डायलिसिस के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। डायलिसिस करवाने वाले मरीज आयुष्मान कार्ड से भी इलाज करवा सकते हैं।