कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता सैनिक की तरह होते हैं। जिस तरह बिना सैनिक कोई लड़ाई नहीं लड़ सकता। उसी तरह बिना मेहनती और कर्मठ कार्यकर्ता के कोई पार्टी चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने कार्यकर्ताओं से प्रदेश सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।
हाईवे स्थित एक होटल में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं की शिकायतें और सुझाव सुने। उसके बाद मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि नेता वही बनता है जो दूसरे के लिए अपनी कुर्सी छोड़े। कार्यकर्ता हमारी जड़ है और कोई भी अपनी जड़ से अलग होकर जिंदा नहीं रह सकता। नेता बनकर दूसरों का रास्ता न रोके। नेता वास्तव में वही है जिसके साथ जनता है। लंबा कुर्ता नेता की पहचान नहीं है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि यदि वास्तव में उन्होंने जनता के बीच जाकर अधिक से अधिक सदस्य बनाए हैं तो अगले चुनाव में उनकी सरकार बनने से कोई नहीं रोक सकता। कहा कि लोकतंत्र में जो जितना ढिंढोरा पीटता है वह उतना ही कामयाब होता है। लेकिन हमारे कार्यकर्ता सरकार केे कामों का प्रचार नहीं कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने भी कार्यकर्ताओं से प्रदेश सरकार के कामों को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। इस अवसर पर भगवानपुर विधायक ममता राकेश, कलियर विधायक फुरकान अहमद, मेयर यशपाल राणा, पूर्व मंत्री रामसिंह सैनी, पूर्व विधायक काजी निजामुददीन, जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, मनोहर लाल शर्मा, राम विशाल देव, राव आफाक,विजय कुमार कश्यप, हरपाल साथी, एसपी सिंह, राजपाल, सतपाल और राकेश गौड आदि मौजूद रहे।
अपना गुणगान बीजेपी को कोसा
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामों का गुणगान करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अभी तक किसानों का गन्ना भुगतान के लिए 75 करोड रुपये जारी किए हैं। श्रमिकों का पंजीकरण, पेंशनधारकों की संख्या दो लाख साठ हजार आदि किए जाना बताया। वहीं केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि चीन से इतनी ज्यादा लकड़ी मंगा ली गई कि यहां के किसानों का पोपुलर कौड़ियों के भाव भी नहीं बिक रहा है।
जो काम कर रहे उनको मिलेगा टिकट
सम्मेलन के समापन पर मंच से उतरते हुए पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि जो काम कर रहा है विधानसभा का टिकट उसे ही दिया जाएगा। काम नहीं करने वाले टिकट की आस न करें।
अजान पर रोका भाषण
भाषण देते हुए करीब पांच बजे मस्जिद से अजान की आवाज आने लगी तो मुख्यमंत्री चुप हो गए। करीब दो मिनट बाद जब अजान बंद हुई तो उन्होंने अपना भाषण शुरू किया।