डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम सभागार में मंगलवार को हुई बैठक में निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आशा कार्यकत्रियों को डेंगू के लक्षण व बचाव की जानकारी दी। शहर के संवेदनशील क्षेत्रों का सर्वे कराने पर भी सहमति बनी। इससे न सिर्फ चिह्नित क्षेत्रों की साफ सफाई होगी बल्कि उस क्षेत्र में रहने वाले लोगों से फीड बैक भी लिया जाएगा।
जिले में डेंगू के एक के बाद एक मामले सामने आने के बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। स्थिति यह है कि जिले में अब तक करीब 75 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 40 में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि अधिकतर मामले कनखल (हरिद्वार) से संबंधित हैं। रुड़की और आसपास के क्षेत्रों से कुछ मामले ही सामने आए हैं। लेकिन लगातार बढ़ते मामलों के बाद मंगलवार को नगर निगम सभागार में डेंगू की रोकथाम के लिए बैठक आयोजित की गई। इसमें जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह ने डेंगू के लक्षण और बचाव के लिए विस्तार से जानकारी दी। बताया गया कि जागरूकता से हम डेंगू को मात दे सकते हैं। उन्होंने पिछले वर्षों में डेंगू प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी दी। इसके तहत रुड़की में अंबर तालाब, भारत नगर, पुरानी तहसील और माहीग्रान मोहल्ले को चिह्नित किया गया है। यहां पिछले वर्षों में डेंगू ने कहर बरपाया था। इस दौरान मेयर यशपाल राणा ने कहा कि कागजी बातों से डेंगू की रोकथाम नहीं हो सकती। इसके लिए धरातल पर भी ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने जिला मलेरिया अधिकारी गुरनाम सिंह और निगम की वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी सुषमा गुप्ता को प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे कराने के निर्देश दिए। इन क्षेत्रों में साफ-सफाई के साथ लोगों से फीड बैक भी लिया जाएगा ताकि क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान हो सके। इस अवसर पर सिविल अस्पताल रुड़की के मैनेजर रामकेश गुप्ता, सहायक मलेरिया अधिकारी इंद्रपाल, मलेरिया निरीक्षक सीएम कंसवाल, अंकित अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
डेंगू के लक्षण
तेज सिरदर्द, बुखार, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द, जी मचलाना और उल्टी आदि होना।
गंभीर मामलों में नाक, मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकत्ते पड़ जाना।
ऐसे करें बचाव
परिवार और शहर को डेंगू से बचाने के लिए आसपास साफ पानी एकत्रित न होने दें।
कूलर के पानी को सप्ताह में एकबार अवश्य बदलें।
पानी से भरे बर्तनों और टंकियों को ढक कर रखें।
शरीर को पूरा ढकने वाले वस्त्रों का प्रयोग करें।
किसी में डेंगू के लक्षण दिखने पर निकट के सरकारी अस्पताल को सूचित करें।
क्या न करें
डेंगू मच्छर साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, टूटे हुए बर्तन, गमलों में पानी एकत्रित न होने दें।
घरों के आसपास बरसात का साफ पानी जमा न होने दें।
उपचार के लिए बिना डाक्टर सलाह के दवा का प्रयोग न करें।
क्या है लार्वा
साफ पानी में यदि कोई रेंगती चीजें दिखाई दें तो समझ लेना चाहिए कि डेंगू का लार्वा है। ऐसे में उसमें मिट्टी का तेल डालें। उससे लार्वा नष्ट हो जाएगा। फिर कीटनाशक का छिड़काव करें।
99 लोगों के खून के नमूने लिए
मंगलौर। पठानपुरा मोहल्ले में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोहल्ले का दौरा किया। इस दौरान टीम में शामिल कर्मियों ने 99 लोगों के खून के नमूने लिए। इनमें से 50 लोग बुखार से ग्रस्त हैं। उसके बाद बुखार से ग्रस्त मरीजों को दवा बांटी। स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. प्रदीप सिंह ने बताया कि लोगों को बीमारी से बचाव के बारे में भी अवगत कराया गया है। टीम में मलेरिया प्रभारी सुभाष कुमार, नीलम सैनी, शकुंतला बिष्ट, गीता पांडे व नीलम रानी शामिल रहे। ब्यूरो