गंगनहर कोतवाली के माधोपुर गांव निवासी पंकित की रविवार रात को एम्स ऋषिकेश में उपचार के दौरान मौत हो गई। पंकित और उसके साथ अंकित पर दो माह पहले रुड़की के सुनहरा मार्ग पर छह युवकों ने चाकू से हमला कर दिया था। पंकित की मौत के बाद ग्रामीणों ने कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
तीन अगस्त को सुनहरा क्षेत्र में छह युवकों ने अंकित पर हमला कर दिया था। उसे बचाने मौके पर पंकित भी पहुंच गया। ऐसे में दोनों पर चाकू से हमला किया गया। पंकित गंभीर रूप से घायल हुआ तो उसे सिविल अस्पताल रुड़की से हायर सेंटर एम्स रेफर किया गया। अंकित को उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। मामले में परिजनों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने छह अज्ञातों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। कुछ दिन बाद मामले में संलिप्त टोडा कल्याणपुर निवासी दीप पटेल को गिरफ्तार किया था। उसे जेल भेज दिया गया था।
अब रविवार रात पंकित की मौत के बाद सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण गंगनहर कोतवाली पहुंचे और कोतवाली का घेराव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि दो माह से पुलिस का पूरा जोर अपराधियों को बचाने पर है। अब तक सभी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। सूचना पर झबरेड़ा विधायक विरेंद्र जाती और पूर्व विधायक देशराज कर्णवाल भी मौके पर पहुंचे। वहीं भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने भी पीड़ित परिजनों के समर्थन में कोतवाली का घेराव किया। इस दौरान कोतवाली में जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने फरार चल रहे अन्य आरोपियों के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज कर जल्द गिरफ्तारी की मांग की।
वहीं, कोतवाल ऐश्वर्य पाल ने बताया कि कार्रवाई के आश्वासन के बाद लोगों को घर भेज दिया गया। वहीं पंकित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। संबंधित धाराओं के साथ हत्या की धारा भी तरमीम की जाएगी।