रुड़की। जिला उपभोक्ता आयोग ने एचडीएफसी बैंक को आदेश दिया है कि वह उपभोक्ता के ऋण की अवशेष राशि 19 लाख 65 हजार आठ सौ चार रुपये संबंधित बीमा कंपनी से प्राप्त कर उपभोक्ता को एक माह के अंदर दे। साथ ही उपभोक्ता को वाद व्यय एवं अधिवक्ता फीस के रूप में 10 हजार रुपये भी देने के आदेश दिए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीगोपाल नारसन ने बताया कि रुड़की के सुनहरा निवासी सुदेश देवी के पति मदन सिंह राजकीय इंटर कॉलेज छिद्दरवाला देहरादून में अध्यापक थे। उन्होंने 16 सितंबर 2014 को रुड़की में आवासीय भवन निर्माण के लिए एचडीएफसी बैंक से 20 लाख रुपये का ऋण लिया था। उक्त ऋण का बीमा भी बैंक द्वारा कराया जाना सेवा शर्तों में शामिल था। उक्त ऋण की किस्तों की नियमित अदायगी अपने जीवनकाल तक वह करते रहे, लेकिन आठ अप्रैल 2018 में मदन सिंह की मृत्यु हो गई और आय का साधन समाप्त होने के कारण समय से किस्तें जमा न हो पाने को आधार बनाकर बैंक ने मदन सिंह की पत्नी सुदेश देवी पर वसूली का दबाव बनाया। जब सुदेश देवी ने बैंक से कहा कि ऋण सेवा शर्तों में ऋण का बीमा कराने की जिम्मेदारी बैंक की थी। इस पर बैंक बीमा कंपनी से अवशेष ऋण की वसूली करे, लेकिन बैंक ने जब उनकी नहीं सुनी तो जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत की गई। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष कंवर सैन, सदस्य अंजना चड्ढा व विपिन कुमार ने उक्त मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद बैंक को उपभोक्ता सेवा में कमी के लिए दोषी माना और बैंक को बीमा कंपनी से अवशेष ऋण राशि की वसूलने के आदेश दिए हैं।