बिना प्रशासक और प्रधानों के चल रही ग्राम पंचायतों के लोगों के सामने समस्याएं हल नहीं होने का संकट खड़ा हो गया है। स्थिति ये है कि ढाई माह से रुड़की ब्लॉक में पेंशन शुरू करवाने के लिए आए करीब डेढ़ हजार आवेदन धूल फांक रहे हैं। बिना प्रधान या प्रशासक के हस्ताक्षर के इन आवेदनों को जमा नहीं किया जा सकता है। ऐसे में करीब आठ हजार लोग पेंशन शुरू करवाने के लिए ब्लॉकों के चक्कर लगा रहे हैं।
जिले में 29 मार्च 2020 को ग्राम पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो गया था। इसके बाद ग्राम प्रधानों के बस्ते जमा होने पर हर ब्लॉक में छह महीने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति कर दी गई थी। इन छह महीनों के अंदर पंचायत चुनाव नहीं होने पर अक्तूबर 2021 में प्रशासकों का समय पूरा हो गया। इसके बाद दोबारा प्रशासकों को नियुक्त कर दिया गया। 29 मार्च 2022 को प्रशासकों का कार्यकाल भी पूरा हो गया था। करीब ढाई महीने से गांव में न प्रधान है और न ही प्रशासक। ऐसे में ग्रामीणों के पास अपना दुखड़ा सुनाने के लिए कोई नहीं है। वहीं करीब तीन महीने पहले ही सरकार ने पति और पत्नी की एक साथ पेंशन शुरू किए जाने का प्रावधान किया है। इसके बाद से पेंशन के लिए आवेदन करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि हर दिन ब्लॉक में 20 से 25 लोग पेंशन शुरू करवाने के लिए आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। हरिद्वार जिले के सभी छह ब्लॉकों में करीब आठ हजार लोग पेंशन शुरू करवाने के लिए विभागों के चक्कर लगा रहे हैं।
खातों में फंसा पड़ा है करोड़ों का बजट
वित्तीय वर्ष शुरू होने पर हर ग्राम पंचायत को बजट भी आवंटित हो चुका है। इस समय हरिद्वार में फंड का करीब 12 करोड़ रुपये पंचायतों के खातों में पड़ा है। इस फंड से ग्रामीण क्षेत्र में नालों की सफाई के साथ ही नए नालों का निर्माण होना था। इसके अलावा खराब पड़े हैंडपंप भी ठीक होने थे। बदहाल सड़कों की मरम्मत का काम भी इसी फंड से होना था लेकिन बजट खातों से नहीं निकल पा रहा है।
गांवों में जलभराव से होगी मुसीबत
बरसात से पहले नालों की सफाई नहीं होने से निकासी नहीं हो पाती है और यह पानी ओवरफ्लो होकर पहले सड़कों पर बहता है फिर घरों में प्रवेश करता है। इस बार अब तक नाले-नालियों की सफाई के कोई आसार दिखाई नहीं दे रहे हैं। ऐसे में मानसूनी बारिश होने पर गांवों में पहले से ज्यादा जलभराव होना लाजिमी है। क्षेत्र में ऐसे कई गांव हैं जिनमें सामान्य दिनों में भी निकासी नहीं होने से गलियों में पानी भरा रहता है। ऐसे में जब भारी बारिश होगी तो लोगों को और ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
अभी शासन स्तर से उनके पास चुनाव को लेकर कोई निर्देश नहीं है। बिना प्रधान और प्रशासक के पेंशन के आवेदन स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं। - बनेश कुमार, एडीओ पंचायत