उच्च न्यायालय के निर्देश पर नगर पालिका प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने हरिद्वार हाईवे स्थित एक भूमि की पैमाइश के बाद हदबंदी कर दी। भूमि पर अतिक्रमण रोकने के लिए यहां अब चहारदीवारी की जाएगी।
नगर के हरिद्वार हाईवे से सटी एक भूमि के स्वामित्व पर नगर पालिका प्रशासन और स्थानीय व्यक्ति के बीच उच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है। मामले में व्यक्ति की ओर से उच्च न्यायालय को दिए गए प्रार्थनापत्र में बताया गया था कि भूमि पर विवाद की स्थिति को देखते हुए कुछ लोग यहां अतिक्रमण कर कब्जे का प्रयास कर रहे हैं।
प्रार्थनापत्र पर उच्च न्यायालय ने व्यक्ति को भूमि की हदबंदी कराकर यहां चहारदीवारी कराने की अनुमति दी थी। हालांकि यह भूमि के स्वामित्व पर उच्च न्यायालय के निर्णय के अधीन रहेगा। उच्च न्यायालय के निर्देश पर नगर पालिका प्रशासन और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने भूमि की पैमाइश के बाद यहां हदबंदी कर दी।
इस दौरान नायब तहसीलदार मधुकर जैन, नगर पालिका के ईओ मोहम्मद कामिल, अजय नारायण खाती, मोहम्मद गुलशनव्वर, सुरेंद्र झा, लेखपाल रविंद्र दत्ता, अनिल कुमार मौजूद रहे। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद कामिल ने बताया कि अतिक्रमण रोकने के लिए संबंधित व्यक्ति नगर पालिका के सहयोग से यहां चहारदीवारी करा सकते हैं। भूमि के स्वामित्व का निर्णय उच्च न्यायालय के अधीन रहेगा।