क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में वाहनों के पसंदीदा और वीआईपी पंजीकरण नंबरों की नीलामी से जुड़े पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से कार्यालय के कामकाज पर असर पड़ रहा है। अधिकारियों को पूर्व में हुई नीलामियों का विवरण जुटाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे यह पता लगाना भी मुश्किल हो गया है कि पिछले कुछ महीनों में कितने वीआईपी नंबर कितनी राशि में नीलाम हुए। वेबसाइट के एक मॉड्यूल में कुछ तकनीकी खामी बताई जा रही है।
आरटीओ में प्रत्येक माह दो बार वाहनों के आकर्षक और वीआईपी पंजीकरण नंबरों की नीलामी की जाती है। इन नंबरों को लेने के लिए वाहन स्वामियों के बीच प्रतिस्पर्धा रहती है और कई नंबर ऊंची बोली पर बिकते हैं। ऐसे में पुराने रिकॉर्ड की जरूरत अक्सर पड़ती है लेकिन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने से संबंधित जानकारी निकालने में समय लग रहा है। एआरटीओ (प्रशासन) जितेंद्र चंद बहादुर ने बताया कि ऑनलाइन पुराने नंबर नीलामी रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण कुछ दिक्कतें जरूर आ रही हैं। हालांकि, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अभिलेखों और सूचनाओं के आधार पर आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है जिससे कार्यालय का कार्य प्रभावित न हो। आफिस से भी एक मेल समाधान के लिए भेजी गई है।